समानुपात

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y, x के समानुपाती है।

गणित में दो चर राशियाँ x तथा y समानुपाती (proportional) कही जाती हैं यदि का मान नियत (स्थिर/constant) हो। ऐसी स्थिति में कहते हैं कि पहली राशि, दूसरी राशि के समानुपाती है। उदाहरण के लिये, यदि कोई वस्तु नियत वेग से गति कर रही है तो उसके द्वारा तय की गयी दूरी, समय के समानुपाती होगी।

दो अनुपातों (ratios) की समता को समानुपात (proportionality) कहते हैं। जैसे एक समानुपात है जिसमें कोई भी पद शून्य नहीं है।

निरूपण[संपादित करें]

समानुपात को सामान्यतः अनुपात के चिह्न (:) को दो बार लिखकर निरूपित किया जाता है। कभी कभी इसे भिन्न रूप में भी लिखा जाता है। जैसे:

अनुक्रमानुपात और समानुपात[संपादित करें]

सामान्यतः अनुक्रमानुपात और समानुपात का अर्थ समान होता है। सरल अंकगणितीय और बीजगणितीय गणनाओं में समानुपात शब्द का प्रयोग उपयुक्त माना जाता है और इसे उपरोक्त निरूपण विधि से निरूपित किया जाता है। लेकिन उच्च कोटि की गणनाओं अथवा भौतिक गणनाओं में अनुक्रमानुपात का उपयोग किया जाता है। अनुक्रमानुपात को अनुक्रमानुपाती चिह्न अल्फा (α) से निरूपित किया जाता है। अनुक्रमानुपाती चिह्न को हटाने के लिए अनुक्रमानुपाती चिह्न के एक तरफ के व्यंजक को (सामान्यतः दायीं ओर) एक नियतांक से गुणा कर दिया जाता है जिसे अनुक्रमानुपाती नियतांक कहा जाता है।

यहाँ m अनुक्रमानुपाती नियतांक है।

प्रमुख गुण[संपादित करें]



व्युत्क्रमानुपात[संपादित करें]

यदि दो चर राशियाँ इस प्रकार बदलतीं हैं कि दोनो का गुणनफल सदा नियत (कान्स्टैन्ट) रहता है तो कहते हैं कि वे परस्पर 'व्युत्क्रमानुपाती' (inversely proportional या varying inversely, in inverse variation, or in inverse proportion or reciprocal proportion)) हैं।

उदाहरण के लिये, किसी निश्चित दूरी को तय करने में लगा समय, चाल के व्युत्क्रमानुपाती होगा। अर्थात चाल जितना ही अधिक होगा, उस दूरी को तय करने में उतना ही कम समय लगेगा।