सदस्य:Jaishreed97/प्रयोगपृष्ठ

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डिपेन्डोवाइरस का संरचना
देपेन्दोविरुदस्

डिपेन्डोवाइरस[संपादित करें]

वाइरालजी[संपादित करें]

डिपेन्डोवाइरस एक विषाणु है।

डिपेन्डोवाइरस दोषयुक्त एक ही कतार वाली डिएनए की प्रजाति है। इसे पैरवारिडै वर्ग मे शमिल की गई है। यह अडिनोवाइरस पर प्रतिवलन के लिए निभ॔र है। डिपीन्डोवाइरस वऺश का एक रोचक वाइरस है। इस वाइरस को प्रतिवलित करने करने के लिए हेल्पर वाइरस के सऺक्रमण की जरूरत होता है। उत्पादकीय सऺक्रमण के दौरान, ए ए वी सऺक्रमण से सऺबधित कोई रोग नही है। इससलिए , इस वाइरस का ऊष्मायन काल का पता नही लगाया जा सकता है। इसके लिए न कोई इलाज है, और न कोई वैक्सीन है। ए ए वी इऺटेगि्न्स की मदद से बहुप्रजातीय कोशाणु पर स्थित बाडाडिऺग रीसेष्टाँरस पर हमला कार सकते है। वाइरस के प्रतिवलन के लिए, मेज़बान कोषणुओऺ को ए ए वी से सऺक्रमणित करना चाहिए। इसकी वजह से कोषणू प्रतिवलन के लिए तैयार हो जाते है। यह प्रतिवलन 'हेल्पर वाइरस' के मौजूदगी मे ही सऺभव है। यह वाइरस बहुत छोटा है, जिस करण जीन थेरेपी मे इसका इस्तमाल होता है। वाइरस वेक्टरस् के रूप मे इनका इस्तमाल किया जाता है। डिपीन्डोवाइरस का मानुष्य के रौधशमता पर कोई प्रभव नही है ।

डिपीन्डोवाइरस से जूडे मानव मे कोई भी रौग नही है। पारवोविरिडै वर्ग के सभी वायरस आम नाम परवोवारस से जने जाते है। पारवोविरिडै के दो उपप्रजातियाँ है; पारवोविरिनै और डेसोरिनै। पारोवोविरिनै के कई उदाहरण दिए जा सकते है । लकिन सबसे आम उदाहरण डिपेडोपवायरस है। डिपेडोवायरस केवल अडिनोवायरस के साथ काम करते है । आडिनोवायरस एक सहायक वायरस। जो वायरस बिना सहायक वायरस के संक्रमित कर सकते हैं उन्हें स्वायत्र परवोवाइरस कहा जाता है।

स्वायत पारवोवाइरस[संपादित करें]

स्वायत पारवोवारयस को डिपेडोवायरस की तरह सहायक वायरस की आवश्यकता नहीं है। बी१९ वायरस को रक्त सीरम में पहली बार पाया गया । बी१९ वायरस लाल रक्त कोशिकाआे को संक्रमित करते है। कुछ संक्रमण, दिखाई नहीं देते। जबाकि इस तरह के पाचवें रोग है, जओ बच्चों को एक 'थप्पड मारा गाल' रूप दे सकाते है, प्रभाव प्रकत होते है।

पारवोवायरस रेखीय गैर खंडो एकल असहाय डी एन ए वायरस होते है, ५००० नच्ल के एक अोसत आकार के साथ जीनोम है। वे समूह के रूप में वायरस के बाल्टीमोर वर्गीकरण में दितीय वायरस वर्गीरकृत कर रहे है।

पारवोवायरस व्यास मे १८-२८ एन एम है।

डिपेंडोवायरस पारवूविरिनै की एक उपप्रजाति है।

डिपेंडोवायरस अयकोडरल आकार का है। उसकी माप २२ न्म है। प्रत्यक केप्यमियर में तीन प्रोटीन है वी पी १, वी पी २, वी पी ३ प्रत्येक केप्सिड़ स वी पी १, ५ वी पी २, और ५०वी पी ३ प्रोटीन से बना है। कैप्सिड एक लिफाफा नहीं है।

जीनोम के एक अणु ४़॰७ किलो बेसस की लंबाई के साथ फंस हुए है। इसका केवल दो खुले फ्रेम है। मनुष्यों में एक अग्म सहारसा अडीनोवायरस है। डिपेंडोवायरस के साथ जुडे मनुष्यों में कोई

रोग नहीं है।

जीन थेरेपी[संपादित करें]

डिपेंडोवायरस एक प्रतिरशा प्रतिक्रिया को गति प्रदान करने के लिए बड़ा वायरस नहीं है। यह एक अच्छा वायरस एक जीन थेरपी उपकरण के रूप उपयोगी है। वायरल वैक्टर वर्तमान मे मानव कोशिकाअों में जीत के परिवहन के लिए विकसित किया जा रहा है। चूंकि यह वायरस एक प्रतिक्रिया को प्रोत्साहित नहीं करता । यह जीनोम छोटा है, परंतु शर्त है कि इसे चिकिस्ता उपकरण के रूप में उपयोग किया जा सकता है। जीनोम में कम से कम ५के बि के साथ आनुवंशिक सामग्री की राशि है।

संदर्भ[संपादित करें]

http://talk.ictvonline.org/files/ictv_official_taxonomy_updates_since_the_8th_report/m/vertebrate-official/4844.aspx

२ Ghosh, A., Yue, Y., Lai, Y., and Duan, D. (2008). "A Hybrid Vector System Expands Adeno-associated Viral Vector Packaging Capacity in a Transgene- Independent manner" (PDF). Molecular Therapy16 (1): 124–130. doi:10.1038/sj.mt.6300322PMID 17984978