सदस्य:Anupriya p v

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

बेकारी की समस्या[संपादित करें]

         भारत का समस्या

स्वतत्र भारत में कई समस्ययै होती है|इन में सभ से भयानक समस्या है,बेकरी | क्योम्की यह समस्या ह्रर साल बडती रहती है| यथपी सरकार इसका हल करने का प्रयत्न कर रही है| फिर भी या समस्य भयानक रूप धारन कर दिखायी पडती बेकरी आज केवल अशिक्षित किसानों और् मज़दूरों के बीच में ही नहीं,शिक्षित् एवं उचचशिक्षित् लोगों में भी होती है | ब्रिटीश् सरकर के काल में शिक्षित लोगों को नौकरी मिलती पर आज नौकरी की संख्या कम और शिक्षित लोगों की संख्या अधिकतर होने के कारणा वहाँ भी बेकारी आ गयी है|आज एंजिनीयरिंग मेडीसिन आदि टेकनिकल शिक्षा पालनेवाले लोगों में भी बेकार मिलते ह बेकारी के कारणों के सम्बन्ध में तीन मत प्रचलित है|उनमें एक मत है ,वर्तमान शिक्षा प्रनाली मेकाले माहब की है| जिस में सरकरी काम करने की योग्यता मात्र मुख्य ल्क्ष थी| दूसरा मत है कि व्यवसायों का अभाव बेकारी का कारणा है|हमारे देश में आबादी के अनुसार कारखानों तथा कुटीर उद्योगोम की समंख्या नहीं बद गयी है| तीसरा मत है हमारे देश की ब हुई आबदी ही बेकारी बटा रही है| वास्तव में ये तीनों ज़रूर बेकरी बटाते है वर्तमान शिक्षा प्रणाली के बद्ले किसी काम या पेशे को प्रघानता देनेवाली शिक्षा देने का विचार सरकार कर रही है|पर एकदम शिक्षा प्रणाली का परिवर्तन करने में वह मानों विमुख है |आज़ादी के बाद अनेक एंजिनीयरिंग तथा मेडिकल कोलेज , पोली टेकनिक आदि स्थापित हुए हैं| वहाँ से हर साल बहुत से विद्यार्थी परीक्षा पास कर बाहार आते है|पर सरकाक्रए तथा अन्य संस्थाओं उनको स्वीकार करने की क्षमनता नहीं हैं |अपनी शिक्षा में स्व्यं पेशा शुरु करने केलिए सर्कार सहायता करने का तैयार है|कुटीर उद्योगों तथा व्यवसयों की उन्नती भी हो रही है | लेकिन मज़दूरों तथ मिलके मालिकों के बीच बार बार विरोध होते है|अत: बडी मात्रा में प्रौवाट कारखानों का विकास नहीं होता है| पर जनता की ओर से काफी सहयोग इस में नहीं मिलता|सरकार तथा जनता का सहयोग इसके परिहार केलिए बहुत आव्शक है| हमारे देश की उन्नति सचमुच इसके परिहार में निर्भर है| इस प्रशन का परिहार अनिवार्य है|

इस प्रशन का समाधान[संपादित करें]

बेकारी को दूर करने केलिए सरकार को विवेद्रित व्यवसायों एवं कुटीर उघ्योगों को प्रोतसाहन देना चाहिए |युवकों को इस केलिए आवश्यक शिक्षा देना चहिए 
और आवश्यक सहायका करना चहिए| परंपरागत  उद्योगों की ओर ग्रामीण जनता का  ञान आक्रश्ड करना चहिए |परंपरागत उध्योगों को बडावा देना सरकर का कर्तव्य है |
 शोशाकों से ग्रमीण जानता की रक्षा सरकारी संखँ का स्थाप्न करना चाहिए | ग्रामोध्योग कि बिना ग्रमों की  बेकारी कहीं  दुर नहीं होगी |जीवन केलिए आवश्यक  सरी  चीज़ें गाव
में उपलब्त होना चाहिए |किसानों की स्थिती को उतारने की प्रब्म्ध करमना चाहिए|   कबी यह भयानक समस्या हल हो जाएगी|
         

तस्वीर[संपादित करें]

images(35).jpg


सारांश[संपादित करें]

भारत एक विकसित राज्य है इसलिए बेकारी का समस्या को दूर करना चाहिए|

संदर्भ[संपादित करें]

व्याकरव्वण दीपिका https://en.wikipedia.org/wiki/Unemployment