शान्तनु

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
(शन्तनु से अनुप्रेषित)
Jump to navigation Jump to search

]] के नाम से जाने गए। शान्तनु का दूसरा विवाह नि


षाद कन्या सत्यवती से हुआ था। इस विवाह को कराने के लिए ही देवव्रत ने राजगद्दी पर न बैठने और आजीवन कुँवारा रहने की भीष्म प्रतिज्ञा की थी, जिसके कारण उनका नाम भीष्म पड़ा। सत्यवती के चित्रांगद और विचित्रवीर्य नामक दो पुत्र थे।