वेरीसेल्ला जोस्टर वायरस

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search

चिकन पॉक्स (छोटी माता) वेरीसेल्ला जोस्टर वाइरस के संक्रमण से होने वाली बीमारी है। यह बहुत ही संक्रामक होती है और संक्रमित निसृत पदार्थों को सांस के साथ अंदर ले जाने से फैलती है। इसमें बुखार आ जाता है और शरीर पर ददोरा हो जाता है, जिसमें तेज खुजली होती है। इसके अलावा त्वचा में बैक्टिरीयल संक्रमण, निमोनिया और मस्तिष्क में सूजन भी चिकनपॉक्स के लक्षण हैं। बच्चों और युवाओं में इस बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। चिकनपॉक्स छूने से बहुत तेजी से फैलता है। चिकित्सक सलाह देते हैं कि चिकन पॉक्स के निवारण के लिये 12 से 15 महीनों की उम्र के बीच बच्चों को चिकन पॉक्स का टीका, और 4 से 6 वर्ष की उम्र के बीच दूसारा टीका लगवा लेना चाहिये।यह टीका चिकन पॉक्स के हल्के संक्रमण को रोकने के लिये 70 से 80 प्रतिशत असरदार होता है और गंभीर रूप से संक्रमण को रोकने के लिये 95 प्रतिशत असरदार होता है। इसीलिए हालांकि कुछ बच्चों ने टीका लगवा लिया होता हैं फिर भी उनमे इस रोग से ग्रसित होने के लक्षण सौम्य होते हैं, बनिबस्त उन बच्चों के जिन्होंने यह टीका नहीं लगवाया होता है।