विष्णु नारायणन नम्बूतिरी
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विष्णु नारायणन नम्बूतिरी | |
|---|---|
| पेशा | साहित्यकार |
| भाषा | मलयालम भाषा |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| विषय | कविता–संग्रह |
| उल्लेखनीय कृतियाँ | उज्जयिनियिले राप्पकलुकळ |
विष्णु नारायणन नम्बूतिरी (1939-2021) मलयालम भाषा के विख्यात साहित्यकार हैं। इनके द्वारा रचित एक कविता–संग्रह उज्जयिनियिले राप्पकलुकळ के लिये उन्हें सन् 1994 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।[1] साथ ही उन्हें साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2014 में भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया।[2] वे केरल राज्य से हैं।
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ "अकादमी पुरस्कार". साहित्य अकादमी. मूल से से 15 सितंबर 2016 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 11 सितंबर 2016.
- ↑ "पद्म पुरस्कारों की घोषणा". नवभारत टाईम्स. 25 जनवरी 2013. 2 फ़रवरी 2014 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 27 जनवरी 2014.
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