"जुरैसिक कल्प" के अवतरणों में अंतर

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[[मध्यजीव महाकल्प]] (MesozoicraMesozoic era) के अंर्तगत तीन कल्प हैं, जिनमें '''जुरैसिक''' का स्थान मध्य में है। ब्रौंन्यार (Brongniart) ने सन्‌ 1829 में [[आल्प्स पर्वत]] की जुरा श्रेणी के आधार पर इस प्रणाली का नाम '''जुरैसिक''' (Jurassic) रखा। विश्व के [[स्तरिकी|स्तरशैल विद्या]] (stratigraphy) में इस प्रणाली का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी के आधार पर विलियम स्मिथ ने, जो स्तरशैल विद्या के प्रणेता कहे जाते हैं, इस विद्या के अधिनियमों का निर्माण किया था।
 
== जुरैसिक कल्प में पृथ्वी की अवस्था ==
 
== जुरैसिक कल्प के जीवजंतु और वनस्पति ==
[[चित्र:Europasaurus holgeri Scene 2.jpg|जुरैसिक कल्प में वनों में डाइनासोर विचरण किया करते थे|right|thumb|300px]]
इस युग के जीवों में एमोनायड वर्ग के जीवों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन्हीं के आधार पर इस युग के शैलसमूहों का वर्गीकरण ओपेल (Opell) ने पहले पहल किया था। इस युग के अन्य जीवों में बेलेम्नाइट्स (belemnites), ब्रैकिओपोडा (brachiopods), एकिनॉयड्स (echinoids) और प्रवाल (corals) विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। रीढ़धारी जीवों में सरीसृप (reptiles) इतने विशालकाय और अधिक थे कि आकाश, धरातल एवं जल सभी स्थानों में इनकी प्रधानता थी। इसी युग में प्रथम पक्षी के अवशेष मिलते हैं।
 

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