वार्ता:हिन्दी व्याकरण

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‌‌मेरा सुझाव है कि पुरुष ऐसी तालिका में लिखे जाते हों :

  एकवचन बहुवचन
उत्तम पुरुष मैं हम
मध्यम पुरुष तू तुम
अन्य पुरुष यह ये
वह वे
  आप

--Zdeněk Wagner (ज़्देन्येक वाग्नेर) ०१:१२, १५ मार्च २००८ (UTC)

धन्यवाद वाग्नेर आपके सुझावों का पालन करेंगे।--पूर्णिमा वर्मन १३:५८, ३० अप्रैल २००८ (UTC)
मुझे पता था कि आप (210.212.158.181) ने मेरी तालिका बदली है। मेरे विचार से वह अब ठीक नहीं है। “तुम” व्याकरण में एकवचन नहीं होता है लेकिन बहुवचन होता है। फिर भी इसका इस्तेमाल किया जाता है जब एक पुरुष के बारे में ही बोलते हैं। जब कुछ लोगों के बारे में बोलते तब अक्सर “तुम लोग” कहते। लेकिन “तुम” व्याकरण में हमेशा बहुवचन होता है। तुलना दीजिये: तू है (एकवचन), तुम हो, तुम लोग हो (बहुवचन)। “आप” भी व्याकरण में बहुवचन होता है। तुलना दीजिये: वह है (एकवचन), वे हैं, आप हैं (बहुवचन)। मेरा तो सुझाव है कि “तुम” तथा “आप” तालिका में सिर्फ़ बहुवचन जैसे लिखे जाते हों और उनका प्रयोग तालिका के नीचे (शायद उदाह्रणों के द्वारा) समझाया जाता हो। --Zdeněk Wagner (ज़्देन्येक वाग्नेर) २०:४३, २६ मई २००८ (UTC)

वचन[संपादित करें]

परिभाषा-शब्द के जिस रूप से उसके एक अथवा अनेक होने का बोध हो उसे वचन कहते हैं। हिन्दी में वचन दो होते हैं- 1. एकवचन 2. बहुवचन एकवचन शब्द के जिस रूप से एक ही वस्तु का बोध हो, उसे एकवचन कहते हैं। जैसे-लड़का, गाय, सिपाही, बच्चा, कपड़ा, माता, माला, पुस्तक, स्त्री, टोपी बंदर, मोर आदि। बहुवचन शब्द के जिस रूप से अनेकता का बोध हो उसे बहुवचन कहते हैं। जैसे-लड़के, गायें, कपड़े, टोपियाँ, मालाएँ, माताएँ, पुस्तकें, वधुएँ, गुरुजन, रोटियाँ, स्त्रियाँ, लताएँ, बेटे आदि।