लेखनी
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लेखनी, क़लम या पेन वह वस्तु है जिससे काग़ज़ पर स्याही द्वारा लिखा जाता है। क़लम से बहुत से अन्य चीजों पर भी लिखा जाता है। प्राचीन काल से लेकर आजतक अनेक प्रकार की लेखनियाँ प्रयोग की जातीं हैं जैसे नरकट की क़लम, पंख से बनी क़लम, फ़ाउंटेन पेन, बॉल-पॉइंट पेन (गेंद-मुखी क़लम) आदि।

क़लम की इतिहास - आज हमको प्राचीन समय का इतिहास चित्रों के माध्यम से पता चलता है । पहले क़लम का निर्माण इराक के लोगों ने किया था । इराक से ही क़लम से लिखने की शुरुआत हुई थी । उसके बाद मिस्र के लोगों ने रीड क़लम का निर्माण किया था । कोई वर्षों तक रीड क़लम से लिखने का काम जाता रहा था । इसके बाद मिस्र के ही लोगों ने फाउंटेन क़लम का निर्माण किया और सभी फाउंटेन पेन से लिखने लगे थे । भारत में कलम की शुरुआत ५,००० वर्ष पहले हुई थी । १३०० ईसवी पूर्व रोमन ने एक धातु का क़लम बनाया था । प्राचीन समय में हड्डियों के माध्यम से भी लिखने का काम किया जाता था । समय बीतने अनुसार नए-नए लिखन के खोजे गए थे और नए नए क़लम का आविष्कार हुआ था । अंग्रेजों का विरोध करने के लिए क़लम का सहारा लिया गया था । कोई स्वतंत्रता सेनानी क़लम के माध्यम से अंग्रेजों के विरुद्ध लेख लिखते थे और इन लेखों को पढ़कर भारत के लोगों इंदौर देशहित की भावना जागी थी । क़लम से ही मनुष्य को ज्ञान प्राप्त हुआ था ।