लीडर (1964 फ़िल्म)
| लीडर | |
|---|---|
| अभिनेता |
दिलीप कुमार, वैजयन्ती माला, जयंत, नासिर हुसैन, जानकी दास, लीला मिश्रा, मोतीलाल, |
प्रदर्शन तिथि |
1964 |
| देश | भारत |
| भाषा | हिन्दी |
लीडर सन् 1964 में प्रमोचित हिन्दी भाषा की भारतीय नाटक फिल्म है। इस फ़िल्म का निर्देशन राम मुखर्जी ने किया। इसके निर्माता शशधर मुखर्जी व लेखक दिलीप कुमार हैं। फ़िल्म में दिलीप कुमार, वैजयन्ती माला और जयन्त ने अभिनय किया है।[1] फ़िल्म का सिनेमाघरो में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा।[2]
फ़िल्म का संगीत नौशाद ने तैयार किया जबकि इसके गाने शकील बदायूँनी ने लिखे हैं। फ़िल्म में मोहम्मद रफ़ी की आवाज में "अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ मिटा सकते नहीं" नामक देशभक्ति गाना हैं।
कथानक
[संपादित करें]फ़िल्म की कहानी विजय खन्ना (दिलीप कुमार) नाम के एक ईमानदार और आदर्शवादी पत्रकार के इर्द-गिर्द घूमती है। विजय आज़ादी के बाद देश की राजनीति में फैले भ्रष्टाचार और स्वार्थ से बहुत निराश है। वह अपने लेखों के ज़रिए नेताओं की सच्चाई जनता के सामने लाने की कोशिश करता है।
विजय को राजकुमारी सुनीता (वैजयन्ती माला) से प्रेम हो जाता है, जो एक अमीर और प्रभावशाली नेता की बेटी है। समस्या तब खड़ी होती है जब विजय की सच्ची और निडर पत्रकारिता सुनीता के पिता के भ्रष्ट राजनीतिक कामों को उजागर करने लगती है। इस कारण विजय और सुनीता के रिश्ते में तनाव आ जाता है।
परिस्थितियाँ विजय को राजनीति में आने के लिए मजबूर कर देती हैं। वह सत्ता पाने के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था को सुधारने और आम जनता की आवाज़ बनने के लिए राजनीति में कदम रखता है। अंत में विजय एक सच्चे नेता के रूप में उभरता है, जो ईमानदारी, नैतिकता और जनसेवा को सबसे ऊपर रखता है।
मुख्य कलाकार
[संपादित करें]- दिलीप कुमार – विजय खन्ना
- वैजयन्ती माला – राजकुमारी सुनीता
- जयंत – दीवान महेन्द्रनाथ
- नासिर हुसैन – श्री खन्ना (विजय के पिता)
- लीला मिश्रा – श्रीमति खन्ना (विजय की माँ)
- मोतीलाल – आचार्य
- हीरालाल –
- दया सप्रू – शाहगढ़ के राजा
संगीत
[संपादित करें]| गाना | गायक | राग |
|---|---|---|
| "आज है प्यार का फैसला" | लता मंगेशकर | |
| "तेरे हुस्न की क्या तारीफ करूँ" | लता मंगेशकर, मोहम्मद रफ़ी | यमन कल्याण |
| "एक शहंशाह ने बनवा के हसीं ताजमहल" | लता मंगेशकर, मोहम्मद रफ़ी | ललित |
| "अपनी आज़ादी को हम" | मोहम्मद रफ़ी | |
| "हमीं से मोहब्बत" | मोहम्मद रफ़ी | |
| "मुझे दुनिया वालों" | मोहम्मद रफ़ी | |
| "आज कल शौक़-ए-दीदार है" | मोहम्मद रफ़ी, आशा भोसले | |
| "दैया रे दैया" | आशा भोसले | दरबारी कन्नड़ |
नामांकन और पुरस्कार
[संपादित करें]बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]| यह भारतीय फ़िल्म से सम्बंधित लेख एक आधार है। जानकारी जोड़कर इसे बढ़ाने में विकिपीडिया की मदद करें। |
- ↑ "Leader (1964)". द हिन्दू (Indian English भाषा में). 2010-06-24. आईएसएसएन 0971-751X. अभिगमन तिथि: 2026-01-07.
- ↑ "Top earners 1964" (अंग्रेज़ी भाषा में). 2013-10-14. 14 अक्टूबर 2013 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 2021-01-05.