लाल सिंह दिल

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
लाल सिंह दिल
समराला, 1993,
जन्मलाल सिंह
11 अप्रैल 1943
गांव घुंघराली, लुधियाना, ब्रिटिश पंजाब
मृत्यु14 अगस्त 2007(2007-08-14) (उम्र 64)
गांव घुंघराली, लुधियाना, पंजाब
व्यवसायकवि, मजदूर
भाषापंजाबी
नागरिकताभारतीय
उल्लेखनीय कार्यsसतलुज दी हवा (1972), बहुत सारे सूरज (1973), सथर (1997), आत्मकथा ‘दास्तान’, बिल्ला अज फिर आया (लंमी कविता)

लाल सिंह दिल (14 अप्रैल 1943[1]–14 अगस्त 2007)[2]नक्सलबाड़ी लहर से जुड़े पंजाबी के चर्चित दलित कवि थे जिन्हें लोग उनके लेखकीय उपनाम ‘दिल’ से जानते हैं। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था।

उनके तीन काव्य संग्रह मिलते हैं और उनकी आत्मकथा ‘दास्तान’ है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Nirupama Dutt. "Poet of the Revolution Lal Singh Dil".
  2. Nirupama Dutt. "Poet of the Flaming Sutlej – Lal Singh Dil".