रोज़ेटा शिला

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नेपोलियन के मिस्र के अभियान में १७९९ में रोज़ेटा शिला मिली जिसके विश्लेषण से मिस्री चित्रलिपि को दुबारा पढना सम्भव हुआ। प्रसिद्ध विद्वान शाम्पलिओं :champollion ने मिस्त्र की वर्णमाला से इस रोसेटा शिला की लिखावट को पढ़ा था। यह काले रंग की शिला नील नदी के रोसेटा नामक मुहाने पर पाई गई। इसका अर्थ पता करने में स्वीडन के कूटनीतिज्ञ अकेत ब्लादऔर अँगरेज़ भौतिकशास्त्री थॉमस यंग ने भी योगदान दिया।