राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ

राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए), भारत सरकार के रसायन और उर्वरक मंत्रालय के रसायन और पेट्रोरसायन विभाग के अधीन विशेषज्ञों का एक स्वतंत्रा निकाय है। इसकी स्थापना, संसद में चर्चा के आधार पर, औषध नीति 1986 के संशोधनों में निरूपित उदारवादी प्रक्रिया के क्रम में वर्ष 1994 में कल्पित की गई थी। एनपीपीए में लागत निर्धारण, तकनीकी (औषध) और आर्थिक क्षेत्रा से पेशेवर समन्वय से कार्य करते हैं।

औषध नीति, 1986 में संसाधनों का अनुमोदन करते हुए आर्थिक मामलों पर मंत्रिमंडल-समिति ने सितंबर, 1994 में राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण कहलाए जाने वाले विशेषज्ञों के एक स्वतंत्रा निकाय की स्थापना का अनुमोदन किया और उसके आलोक में एनपीपीए प्राधिकरण की स्थापना और विशेषीकृत कार्यों को उसे सौंपने सम्बन्धी सरकारी संकल्प 29 अगस्त, 1997 को अधिसूचित किया गया। इस प्रकार एनपीपीए दिनांक 29 अगस्त, 1997 से पूरी तरह से कार्यात्मक रूप में आ गया।

मूल्य निर्धारण, औषध (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 1995 (डीपीसीओ) का क्रियान्वयन, औषध (मूल्य नियंत्राण) आदेश, 1995 के अधीन अनुसूचित प्रपुंज औषधों एवं विनिर्मितियों के निर्धारित/संशोधित मूल्यों का प्रवर्तन और गैर-अनुसूचित औषधों के मूल्यों के अनुश्रवण से सम्बन्धित सरकार की शक्तियों एवं कार्यों को 4 सितंबर, 1997 को राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण को प्रत्यायोजित कर दिया गया।

कार्य[संपादित करें]

  • मूल्य निर्धारण और पुनर्विलोकन करना,
  • स्थापित मापदण्ड/दिशानिर्देशों के आधार पर समावेशन/अपवर्जन द्वारा मूल्य नियंत्राण के अधीन औषधों की सूची को अद्यतन,
  • अनियंत्रित औषधों एवं विनिर्मितियों के मूल्यों का अनुश्रवण करना,
  • प्रत्यायोजित शक्तियों के अनुसार डीपीसीओ, 1995 के प्रावधानों का क्रियान्वयन एवं प्रवर्तन करना,
  • प्राधिकरण के निर्णयों से उत्पन्न होने वाले सभी कानूनी मामलों पर कार्रवाई करना,
  • औषधों की उपलब्धता को मॉनिटर करना, कोई कमी यदि हो तो उसका पता लगाना और सुधारात्मक उपाय करना।
  • प्रपुंज औषधों और विनिर्मितियों के लिए उत्पादन, निर्यात और आयात, अलग-अलग कंपनियों के मार्किट शेयर, उनकी लाभदेयता के आंकड़े एकत्रा करना और उनका रख-रखाव करना।
  • औषधों और भेषजों के मूल्य निर्धारण के संबंध में संभावित अध्ययन करना/प्रायोजित करना।
  • औषध-नीति में परिवर्तन/संशोधन के संबंध में केंद्रीय सरकार को परामर्श देना।
  • औषध मूल्य निर्धारण से संबंधित संसदीय कार्य से संबंधित मामलों में केंद्रीय सरकार की सहायता करना।
  • प्राधिकरण के अधिकारियों और स्टाफ के अन्य सदस्यों की सरकार द्वारा निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार भर्ती/नियुक्ति करना।
  • सरकार द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अनुसार औषध (मूल्य नियंत्राण) आदेश के उपबंधों को लागू करना।

सन्दर्भ[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]