राउल्ट का नियम

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राउल्ट के नियम का पालन करने वाले द्विक विलयन (बाइनरी सलुशन) का वाष्प दाब ; काली रेखा, विलयन का कुल वाष्प दाब है (अवयव B के अणु-अंश के फलन के रूप में) ; दो हरी रेखायें दो अवयवों के आंशिक दाब हैं।

राउल्ट का नियम (Raoult's law) फ्रांसीसी रसायनशास्त्री राउल्ट द्वारा १८८२ में प्रस्तुत एक ऊष्मागतिक नियम है। इस नियम के अनुसार, द्रवों के किसी मिश्रण के किसी अवयव का आंशिक वाष्प दाब उस अववय के शुद्ध वाष्प दाब और मिश्रण में उस अवयव की अणु-अंश (me fraction) के गुणनफल के बराबर होता है।

दूसरे शब्दों में,

जहाँ T ताप पर शुद्ध अवयव का वाष्प दाब है।

जब किसी विलयन के घटक साम्यावस्था में पहुँच जाते हैं उस स्थिति में इस विलयन का कुल वाष्प दाब राउल्ट के नियम एवं डाल्टन का आंशिक दाब का नियम को मिलाकर निर्मित निम्नलिखित सूत्र से निकाला जा सकता है-

.

ध्यान दें कि यदि अवाष्पशील विलेय (वाष्प दाब=0) को किसी विलायक में मिलाया जाता है तो यह पाया गया है कि इस विलयन का वाष्प दाब, शुद्ध विलायक के वाष्प दाब से कम होता है।