मैनुएल ए ऑड्रिया
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मैनुएल आर्टुरो ओड्रिया अमोरेटी (26 नवम्बर 1896 – 18 फ़रवरी 1974) पेरू के सैन्य अधिकारी थे जो पेरू के 45वें राष्ट्रपति भी रहे। उन्होंने सन् 1948 के पेरू तख्तापलट में राष्ट्रपति जोस लुइस बुस्टोमेंटे वाई रिवेरो को हटा दिया और सत्ता पर कब्जा कर लिया। उन्होंने अन्य उम्मीदवारों को सन् 1950 के पेरू के आम चुनाव में भाग लेने से रोक दिया। इसके परिणामस्वरूप वो 100% मत प्राप्त करके जीते।[1]
उन्होंने राजनीतिक विपक्ष को दबाते हुये एक तानाशाह के रूप में शासन किया।[1] उन्होंने कई तख्तपलट के प्रयासों का सामना भी किया।[1] उन्होंने स्वयं को तख्तापलट के षड़यंत्रकारियों से अलग दिखाने की कोशिश की। सन् 1956 में उन्हें देश में आम चुनाव करवाने के लिए मजबूर होना पड़ा और उस समय के राष्ट्रपति चुनाव मैनुएल प्राडो जीते।[2]
सन्दर्भ
[संपादित करें]- 1 2 3 Bertram, Geoffrey (1991), Bethell, Leslie (ed.), "Peru, 1930–60", The Cambridge History of Latin America: Volume 8: Latin America since 1930: Spanish South America, vol. 8, Cambridge University Press, pp. 383–450, डीओआई:10.1017/chol9780521266529.008, ISBN 978-0-521-26652-9
- ↑ Cotler, Julio (1991), Bethell, Leslie (ed.), "Peru since 1960", The Cambridge History of Latin America: Volume 8: Latin America since 1930: Spanish South America, vol. 8, Cambridge University Press, pp. 451–508, डीओआई:10.1017/chol9780521266529.009, ISBN 978-0-521-26652-9
| राजनीतिक कार्यालय | ||
|---|---|---|
| पूर्वाधिकारी जोस बुस्टामांटे |
पेरू के राष्ट्रपति 1948–1950 |
उत्तराधिकारी ज़ेनॉन नोरियेगा |
| पूर्वाधिकारी ज़ेनॉन नोरियेगा |
पेरू के राष्ट्रपति 1950–1956 |
उत्तराधिकारी मैनुएल प्राडो |
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