मिडनाइट्स चिल्ड्रेन

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मिडनाइट्स चिल्ड्रेन (अंग्रेज़ी: Midnight's Children) (१९८१) में प्रकाशित सलमान रश्दी के द्वारा लिखा गया एक उपन्यास है। इस उपन्यास का शिल्प जादुई यथार्थवाद पर आधारित है।

सारांश[संपादित करें]

'मिडनाइट्स चिल्ड्रेन' स्वतंत्रता के बाद की घटनाओं पर आधारित है। इस कहानी का नायक और मुख्य चरित्र सलीम सिनाई है। सलीम सिनाई का जन्म १५ अगस्त १९४७, रात के 12 बजे हुआ था। इसी वजह से सलीम का जन्म टेलीपैथिक शक्तियों के साथ हुआ था।

कहानी की शुरुआत सलीम के दादाजी से होती है। यह किताब तीन हिसों में बँटी हुई है। सलीम का जन्म १५ अगस्त १९४७ के ठीक आधी रात पर हुआ था। उसे बाद में पते चलता है की जिन- जिन बच्चों का जन्म उसी दिन हुआ था उनके पास भी असाधारण शक्तियां थीं। उनमें से शिव और पार्वती कहानी में प्रमुख भूमिका निभाते हैं। अपनी टेलीपैथिक शक्तियों का इस्तेमाल करके सलीम उन बच्चो से संपर्क करके एक सभा (मिडनाइट चिल्ड्रेन्स कांफ्रेंस) स्थापित करता है जिसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा होती है।

इसी समय में सलीम का परिवार कई समस्याओं से जूझता है। भारत और साथ के देशों के बीच लड़ाइयाँ भी चल रही होती हैं। बाद में सलीम इंदिरा गाँधी की घोषित की हुई "इमरजेंसी" (Emergency) और संजय गाँधी के जुम्मा मस्जिद विवाद में फँस जाता है। इस कारण उसे जेल भी होती है।

"इमरजेंसी" के बाद सलीम और बाकी लोग अपनी-अपनी शक्तियां खो देते हैं। शक्तियां खोने के बाद सलीम अपनी और अपने देश की कहानी अपने बेटे के लिए लिखता है, जिसे अपने पिता से वही असाधारण शक्तियां मिलती हैं।