मानव संसाधन प्रबंधन

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मानव संसाधन प्रबंधन (HRM) किसी प्रतिष्ठान की सबसे मूल्यवान उन आस्तियों के प्रबंधन का कौशलगत और सुसंगत दृष्टिकोण है- जो वहां काम कर रहे हैं तथा व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से व्यापार के उद्देश्यों की प्राप्ति में योगदान दे रहे हैं।[1] "मानव संसाधन प्रबंधन" और "मानव संसाधन" (HR) शब्दों का स्थान मुख्यतः "कार्मिक प्रबंधन" शब्द ने ले लिया है, जो प्रतिष्ठान में लोगों के प्रबंधन में शामिल प्रक्रियाओं की व्याख्या करता है।[1] सामान्य अर्थ में HRM का मतलब लोगों को रोजगार देना, उनके संसाधनों का विकास करना, उपयोग करना, उनकी सेवाओं को काम और प्रतिष्टान की आवश्यकता के अनुरूप बनाये रखना और बदले में (भरण-पोषण) मुआवजा देते रहना है।

विशेषताएं[संपादित करें]

इसकी विशेषताओं में शामिल हैं:

  • प्रतिष्ठानात्मक प्रबंधन
  • कार्मिक प्रशासन (personnel administration)
  • मानव शक्ति प्रबंधन
  • औद्योगिक प्रबंधन[2][3]

लेकिन ये पारंपरिक अभिव्यक्तियां सैद्धांतिक नियमबद्धता में बहुत कम देखने को मिलती हैं। कई बार कर्मचारी और औद्योगिक संबंध भी संदेहास्पद रूप से समानार्थक शब्द के रूप में सूचीबद्ध हो गये हैं,[4] हालांकि इन्हें आम तौर पर प्रबंधन और कर्मचारियों के सम्बंधों और कर्मचारियों के कंपनी में व्यवहार के लिए संदर्भित किये जाते हैं।

सैद्धांतिक अनुशासन मुख्य रूप से इस धारणा पर आधारित है कि कर्मचारी वे व्यक्ति हैं जिनके अलग-अलग लक्ष्य और जरूरतें हैं और उनके बारे में ट्रकों और फाइलिंग कैबिनेट जैसे बुनियादी व्यापार संसाधनों की तरह नहीं सोचा जाना चाहिए। इस क्षेत्र में कर्मचारियों के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाता है, यह मानते हुए कि लगभग सभी कर्मचारी उद्यम में उत्पादकता के योगदान की इच्छा रखते हैं और उनके प्रयासों में मुख्य बाधा ज्ञान का अभाव, अपर्याप्त प्रशिक्षण और प्रक्रिया की विफलताएं हैं।

मानव संसाधन प्रबंधन (HRM) क्षेत्र में कार्य करने वाले नौसिखिये पेशेवरों को प्रबंधन के परंपरागत दृष्टिकोण की तुलना में अधिक नवोन्मेषी दृष्टिकोण के रूप में देखा जाता है। इसकी तकनीकें एक उद्यम के प्रबंधकों को अपने लक्ष्यों को विशिष्टता के साथ इस प्रकार व्यक्त करने के लिए बाध्य करती हैं। वह इस प्रकार किया जाये, जिसे कर्मचारियों द्वारा समझा और अपनाया जा सके और नियत कार्यों के सफलतापूर्वक निष्पादन के लिए उन्हें आवश्यक संसाधनों को उपलब्ध कराया जा सके। इस तरह HRM तकनीकें जब ठीक से लागू की जाती हैं तो वे उद्यम के लक्ष्य और समग्र परिचालन कार्य प्रणालियों के प्रभावी होने की सूचक हैं। HRM में भी कई लोग प्रतिष्ठानों में जोखिम कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।[5]

कार्मिक प्रबंधन जैसे समानार्थक शब्द का अक्सर एक बहुत सीमित अर्थ में प्रयोग किया जाता है, जो कर्मचारियों की भर्ती, सदस्यों के वेतन तथा लाभों और उनके कार्य-जीवन की ज़रूरत की व्यवस्था उपलब्ध कराने जैसी गतिविधियों के लिए आवश्यक है। अतएव अगर हम वास्तविक परिभाषा की बात करें, टोरिंगटन और हॉल (1987) के अनुसार कार्मिक प्रबंधन की परिभाषा इस प्रकार है:

"ऐसी गतिविधियों की एक श्रृंखला जो: प्रथमतः काम करने वालों और उनके नियोक्ता प्रतिष्ठानों के उद्देश्यों और कार्य-सम्बंध की प्रकृति तथा द्वितीयतः यह सुनिश्चित करना कि समझौते का पूरा निर्वाह हुआ है।  49).

जबकि मिलर (1987) का सुझाव है कि HRM का संबंध:

"....... उन फैसलों और कार्रवाई से है जो व्यापार में सभी स्तरों पर कर्मचारियों के प्रबंधन की चिन्ता करते हैं जो प्रतिस्पर्धी लाभ बनाने की दिशा में कौशलगत नीतियों के कार्यान्वयन रणनीति के कार्यान्वयन से संबंधित हैं।"(पृ.  352).

शैक्षणिक सिद्धांत[संपादित करें]

मानव संसाधन प्रबंधन का लक्ष्य किसी प्रतिष्ठान के प्रति कर्मचारियों को आकर्षित करने, उन्हें बरकरार रखने और उनके प्रभावी ढंग से प्रबंधन के कौशलगत लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करना है। यहां उपयुक्त शब्द शायद "नियोजन" है, उदा. एक HRM के दृष्टिकोण की तलाश किसी प्रतिष्ठान के कर्मचारियों के प्रबंधन और कंपनी की समग्र कूटनीतिक दिशा के बीच नियोजन सुनिश्चित करना है। (मिलर, 1989)।

HRM के शैक्षणिक सिद्धांत का मूल आधार यह है कि मनुष्य मशीन नहीं है इसलिए हमें कार्यस्थल पर लोगों के आतंरिक अनुशासन की जांच की आवश्यकता है। मनोविज्ञान, औद्योगिक अभियांत्रिकी, औद्योगिक, न्यायिक/अर्धन्यायिक अध्ययन और संस्थागत मनोविज्ञान, औद्योगिक संबंध, समाजशास्त्र और महत्वपूर्ण सिद्धांत: उत्तर-आधुनिकता, उत्तर-संरचनावाद जैसे क्षेत्र प्रमुख भूमिका निभाते हैं। कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों ने मानव संसाधन प्रबंधन में स्नातक और परा-स्नातक की डिग्रियों के पाठ्यक्रम रखे हैं।

HRM की भूमिका के व्यापक तौर पर इस्तेमाल की योजना डेव एलरिच द्वारा विकसित की गयी है, जिसमें HRM के कार्यों को 4 क्षेत्रों में परिभाषित किया है:[6]

हालांकि, प्रशासन और कर्मचारी हिमायती की भूमिका से परे कई और मानव संसाधन कार्य इन दिनों संघर्ष कर रहे हैं और कर्मचारी हिमायती को शीर्ष प्रबंधन के लिए रणनीतिक रूप से प्रतिक्रियाशील नहीं बल्कि सक्रिय भागीदार के रूप में देखा गया है। इसके अतिरिक्त HR प्रतिष्ठान को भी यह साबित करने में परेशानी होती है कि कैसे उनकी गतिविधियों और प्रक्रियाओं से कंपनी को किस प्रकार फायदा होता है। केवल हाल के वर्षों में ही HR विद्वानों और HR पेशेवरों ने वह मॉडल विकसित करने पर ध्यान केन्द्रित किया है जो यह निर्धारित कर सकता है कि HR से फायदा होता है।[7]

व्यापार कार्य प्रणाली[संपादित करें]

मानव संसाधन प्रबंधन कई प्रक्रियाओं में शामिल हैं। साथ ही उनसे उपर्युक्त लक्ष्य को प्राप्त करने की अपेक्षा की जाती है। इन प्रक्रियाओं को एक HR विभाग कार्यान्वित कर सकता है, लेकिन कुछ काम आउटसोर्स के जरिये भी किये जा सकते हैं अथवा लाइन-मैनेजर या अन्य विभागों द्वारा किया जा सकता है। जब प्रभावी ढंग से एकीकृत होते हैं तो वे कंपनी को महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ प्रदान करते हैं।[8]

कॅरियर और शिक्षा[संपादित करें]

कार्नेल यूनिवर्सिटी का स्कूल ऑफ़ लेबर रिलेशंस विश्व का पहला HRM के महाविद्यालय-स्तर के अध्ययन का स्कूल है।

HRM में उपलब्ध कॅरियर के विभिन्न प्रकार हैं। HRM में अनेक विषयों की जानकारी से सम्बद्ध नौकरियां हैं जैसे मानव संसाधन सहायक की। वहां कॅरियर में रोजगार, भर्ती और स्थान नियोजन जुड़े हैं, जो आम तौर पर साक्षात्कारकर्ताओं, EEO (समान रोजगार के अवसर) विशेषज्ञों अथवा कॉलेज के नियोक्ताओं द्वारा आयोजित किये जाते हैं। प्रशिक्षण और विकास विशेषज्ञता का संचालन अक्सर प्रशिक्षकों और अभिविन्यास विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है। क्षतिपूर्ति और हितों के कार्यों को मुआवजा विश्लेषक, वेतन प्रशासक और लाभ प्रशासक संभालते हैं।

कई विश्वविद्यालय HRM और व्यापक क्षेत्रों से संबंधित अध्ययन के कार्यक्रम उपलब्ध कराते हैं। कार्नेल विश्वविद्यालय ने विश्व का पहला महाविद्यालय-स्तरीय अध्ययन HRM (ILR School) में शुरू किया।[9] अर्बाना-कैम्पेन में यूनिवर्सिटी ऑफ़ इलिनोइस में भी अब एक HRM के अध्ययन को समर्पित स्कूल है, जबकि कई बिजनेस स्कूलों में भी एक केंद्र या ऐसे अध्ययनों के लिए समर्पित विभाग हैं, उदा. यूनिवर्सिटी ऑफ़ मिनेसोटा, मिशीगन स्टेट यूनिवर्सिटी, ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी और पर्ड्यू यूनिवर्सिटी.

व्यावसायिक संस्थान[संपादित करें]

HRM में व्यावसायिक संस्थानों में सोसाइटी फॉर ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट, ऑस्ट्रेलियन ह्यूमन रिसोर्स इंस्टीट्यूट (AHRI), चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ़ पर्सनल एंड डेवलपमेंट (CIPD), इंटरनेशनल पब्लिक मैनेजमेंट एसोसिएशन फॉर HR (IPMA-HR), मैनेजमेंट एसोसिएशन ऑफ़ नेपाल (MAN) और इंटरनेशनल पर्सनल मैनेजमेंट एसोसिएशन ऑफ़ कनाडा (IPMA-कनाडा), ह्यूमन कैपिटल इंस्टीट्यूट (HCI) शामिल हैं।

कार्य[संपादित करें]

मानव संसाधन प्रबंधन (HRM) के कार्यों में विभिन्न गतिविधियां, जिनमें मुख्य रूप से यह महत्वपूर्ण फैसला है कि आपको कितने स्टाफ की जरूरत है और क्या उन आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए स्वतंत्र ठेकेदारों या भाड़े पर कर्मचारियों की सेवा लेने की जरूरत है, भर्ती और बेहतरीन कर्मचारी प्रशिक्षण, उच्च कार्य प्रदर्शन को सुनिश्चित करना, प्रदर्शन के मुद्दों से निपटना और अपने कर्मचारियों और प्रबंधन के तरीकों को नियमों के अनुरूप सुनिश्चित करना शामिल हैं। गतिविधियों में कर्मचारी के हित और मुआवजे, कर्मचारी के रिकार्ड्स और कार्मिक नीतियों तक आपकी पहुंच का प्रबंधन भी शामिल है। आम तौर पर छोटे व्यवसायों (लाभदायक या गैर-लाभकारी) को यह गतिविधियां स्वयं करनी पड़ती हैं क्योंकि वे फिलहाल पूर्णकालिक या अल्प-कालिक सहायता का खर्च वहन नहीं कर पाते. हालांकि उन्हें हमेशा यह सुनिश्चित होना चाहिए कि कर्मचारी मौजूदा नियमों के अनुरूप कार्मिक नीतियों के प्रति जागरुक रहते थे-और रहते हैं। यह नीतियां अक्सर कर्मचारी मैनुअल के रूप में रहती हैं जो सभी कर्मचारियों के पास होती हैं।

यह ध्यान देने योग्य है कि कुछ लोग HRM (एक प्रमुख प्रबंधन गतिविधि) और HRD (मानव संसाधन विकास, एक पेशा) के बीच अंतर देखते हैं। ऐसे लोग HRM को HRD में यह कहकर शामिल करते हैं कि HRD में प्रतिष्ठान के अन्दर कर्मियों के विकास, जैसे कॅरियर विकास, प्रशिक्षण, प्रतिष्ठान का विकास आदि गतिविधियों का व्यापक दायरा शामिल है।

एक लम्बे समय से यह तर्क दिया जाता रहा है कि HR के कार्य बड़े प्रतिष्ठानों में संयोजित किये जाने चाहिए, उदा."प्रतिष्ठान विकास विभाग में HR रहना चाहिए या उसके आस-पास कोई दूसरा रास्ता होना चाहिए?"

HRM के क्रिया-कलापों और HRD पेशे में पिछले 20-30 वर्षों में जबरदस्त परिवर्तन आया है। कई साल पहले बड़े प्रतिष्ठानों में "कार्मिक विभाग" ज्यादातर लोगों को काम पर रखने और भुगतान करने से सम्बंधित कागजी कार्रवाई के प्रबंधन का काम देखते थे। एकदम हाल ही में प्रतिष्ठानों ने "HR विभाग" की प्रमुख भूमिका पर विचार किया जो प्रतिष्ठान के लिए उच्च तरीके से अधिकतम क्षमता के साथ कार्य का प्रदर्शन कर सकने में कर्मचारियों को काम पर रखने, प्रशिक्षण और लोगों के प्रबंधन में सहायता प्रदान करती है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Armstrong, Michael (2006). A Handbook of Human Resource Management Practice (10th सं॰). London: Kogan Page. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-7494-4631-5. OCLC 62282248. 
  2. "personnel management". The Columbia Encyclopedia (Sixth Edition)। (2005)। Columbia University Press। अभिगमन तिथि: 2007-10-17 “personnel management - see industrial management”
  3. Encyclopædia Britannica (kl)। “Personnel administration is also frequently called personnel management, industrial relations, employee relations”
  4. Encyclopædia Britannica
  5. Towers, David. "Human Resource Management essays". http://www.towers.fr/essays/hrm.html. अभिगमन तिथि: 2007-10-17. 
  6. Ulrich, Dave (1996). Human Resource Champions. The next agenda for adding value and delivering results. Boston, Mass.: Harvard Business School Press. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-87584-719-6. OCLC 34704904. 
  7. Smit, Martin E.J.H.. "HR, Show me the money; Presenting an exploratory model that can measure if HR adds value".
  8. सामरिक उच्च निष्पादन कार्य प्रणाली का प्रभाव
  9. "About Cornell ILR". Cornell University School of Industrial and Labor Relations. http://www.ilr.cornell.edu/about/. अभिगमन तिथि: 23 अगस्त 2009.