मलयपुरम सिंगरावेलु चेट्टियार

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मलयपुरम सिंगरावेलु चेट्टियार (18 फरवरी 1860 – 11 फरवरी 1946)[1] जिन्हें एम॰ सिंगरावेलु या सिंगरावेलुर के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रसिद्ध भारतीय व्यक्तित्व थे जो एकाधिक क्षेत्रों में अग्रणी नेतृत्वकर्ता रहे। सिंगरावेलु भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन के सक्रिय भागीदार थे जिन्होंने पहले गांधी के नेतृत्व में योगदान किया और बाद में कम्युनिस्ट लोगों के साथ मिलकर। उन्होंने जीवन के आरंभिक काल में ही बौद्ध मत स्वीकार कर लिया था और उन्होंने मद्रास में अस्पृश्यता के खिलाफ आन्दोलन में भाग लिया। विचारों से वे नास्तिक[2] और भौतिकवादी[3] थे।

उन्होंने 1918 में भारत में पहले ट्रेड यूनियन की स्थापना की। भारत में मई दिवस की शुरूआत करने वाले वे प्रथम नेता थे, जब उन्होंने 1 मई 1923 में मद्रास में इसे आयोजित किया। 1924 में कानपुर षड्यंत्र में शामिल थे[4] और इसके बाद 1925 में कानपुर में ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के गठन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही और उन्होंने इसके स्थापना सम्मलेन की अध्यक्षता की थी।[2]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Vasantha Kumaran, P. Singaravelar Godfather of Indian Labour. Archived 13 जनवरी 2018 at the वेबैक मशीन. Chennai: Poornimaa Publication,
  2. RUDRANGSHU MUKHERJEE. YUGPURUSH JAIPRAKASH NARAYAN. पपृ॰ 139–. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-93-5048-081-6.
  3. K. Murugesan; C. S. Subramanyam (1975). Singaravelu, first communist in South India. People's Pub. House. पपृ॰ 145-.
  4. Marshall Windmiller. Communism in India. University of California Press. पपृ॰ 67–. GGKEY:NSY99CAKNFU.