मथुर सवाणी

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"" मथुरभाई सवाणी "" का जन्म 12 जनवरी  1963 को, गुजरात के भावनगर जिले के खोपाला गाँव में हुआ था | मथुरभाई सवाणी गुजरात के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे जल संरक्षण और सामाजिक के क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने सौराष्ट्र जलधारा ट्रस्ट (गैर-सरकारी संगठन) के नाम से एक संस्था बनाई। मथुर माधाभाई सवाणी को समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2014 में भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया।[1] वे गुजरात राज्य से हैं।

गुजरात में जल संरक्षण अभियान का आयोजन करने के लिए, जनता तक पहुंचने के लिए, पद यात्रा, सम्मेलनों,  शिविरों और 3500 से अधिक ग्राम सभाओं की हैं। गाँव की जल संचयन ग्राम समितियों का निर्माण किया। उन्होंने सरकार की विभिन्न योजनाओं को गाम समिति तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  सौराष्ट्र जलधारा ट्रस्ट की 40 जेसीबी मशीनों तालाब बनाने के लिए मुफ्त में गाँव समितियों को  दिया गया और  गुजरात के गांवों में लाखो में जल संचयन सूचना पत्रक वितरित किए गए, जिसके  कारण लाखों की संख्या में चेक डैम, तालाब और खेत तालाब बने, जिसके कारण जल स्तर बढ़ा, जल की गुणवत्ता में सुधार हुआ और कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई।

इसके अतिरिक्त, जल संचय अभियान के साथ-साथ कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए "बेटी बचाओ" अभियान शुरू किया गया। 1 जनवरी, २००६ में  सूरत में से २५२००० घरो में से १ मुठ्ठी अन्न और जल ले के  "बेटी बचाओ महलादु" बनाया गया। लड्डू ३५ फीट ऊंचा और १५ मन का  बुना हुआ था। जिसे "लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड" में नोट किया गया था।  "बेटी बचाओ महलादु" के गवाही में उपस्थिति में 3 लाख लोगों ने शपथ ली कि हम कभी भी कन्या भ्रूण हत्या नहीं करेंगे। यह एक बेहतरीन अनुभव है। इसके बाद 2008  में, सूरत में स्कूल बेटिओ ने गुजरात के 18000 गांवों में बेटी बचाओ के संदेश के साथ पत्र लिखे। माथुरभाई सवानी के नेतृत्व में सूरत से सोमनाथ तक की "सर्व समाज बेटी बचाओ" यात्रा गुजरात में बनाई गई थी। इसके अतिरिक्त, अन्य सामाजिक रूप से उपयोगी गतिविधियाँ चल रही हैं।

-: पुरस्कार: -

पद्म श्री पुरस्कार - भारत सरकार

मुख्यमंत्री का सार्वजनिक स्वास्थ्य पुरस्कार -गुजरात राज्य, गांधीनगर

मुख्यमंत्री का रजत पदक, पुरस्कार - गुजरात राज्य, गांधीनगर

प्रथम गुजरात गौरव दिवस सम्मान- गुजरात राज्य, गांधीनगर

राजर्षि पुरस्कार

पाटीदार रत्न श्री पुरस्कार -अखिल गुजरात पाटीदार परिषद,

जल स्टार पुरस्कार- दिव्य भास्कर.

इसके अलावा, उत्तर गुजरात के 3,000 से अधिक स्वैच्छिक / शैक्षणिक संस्थानों, मंडलियों, सौराष्ट्र-कच्छ और ग्राम समितियों को पुरस्कार और पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "पद्म पुरस्कारों की घोषणा". नवभारत टाईम्स. 25 जनवरी 2013. मूल से 2 फ़रवरी 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 27 जनवरी 2014.