बिन्दु शोषण

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बिन्दु शोषण (डॉट ब्लॉट), आणविक जीवविज्ञान मे इस्तेमाल होने वाली एक तकनीक है जो जैवाणुओं का पता लगाने तथा प्रोटीनों का पता लगाने, विश्लेषण करने एवं डॉट ब्लॉट से डीएनए और आरएनए का पता लग जाता है।

यह तकनीक नर्दन ब्लॉट, सर्दन ब्लॉट और वेस्टर्न ब्लॉट का सरलीकरण है। जिस अणु का पता लगाना है उसक मिश्रण को झिल्ली पर लगाया जाता है सीदा डॉट क रूप मे। यह तकनीक समय में महत्वपूर्ण बचत प्रदान करता है।

डुप्लीकेट डॉट धब्बा फिल्टर पर दो आसो जांच के उपयोग के योजनाबद्ध

विधि[संपादित करें]

डॉट ब्लॉट करने क लिए जादा समय और चीजे नहीं चाहए। इसकी विधि निम्नलिखित है-

  • मिश्रण को सीधा झिल्ली पर लगाया डॉट के रूप मे और ३० मिनट तक सूखने के लिए छोड दिया।
  • मिश्रण को तत्व-विकिरण किया जाता है और झिल्ली को ८०' पर सेंका जाता है।
  • फिर झिल्ली पर रेडियोएक्टिव प्रोब लगाए जाते हैं।
  • अतिरिक्त प्रोब को धोया जाता है।
  • और फिर ऑटो रेडियोएक्टिव तकनीक से पता लगाया जाता है।

उपयोग[संपादित करें]

  • सरलीकरण है नर्दन ब्लॉट, सर्दन ब्लॉट और वेस्टर्न ब्लॉट का।
  • समय में महत्वपूर्ण बचत प्रदान करता है।
  • किसी तरह के जेल इस्तेमाल नहीं होती है।
  • जल्दी से परिणाम बता देती है।

सन्दर्भ[संपादित करें]