बाइज़ेंटाइन साम्राज्य

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बाइज़ेंटाइन साम्राज्य
साम्राज्य
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c. 330 – 1453b

राजा जस्टिनियन का सोने का सिक्का

राजा जस्टिनियन के शासन काल में बाइज़ेंटाइन साम्राज्य का विस्तार (लाल रंग में)
राजधानी क़ुस्तुंतुनिया
भाषाएँ
धर्म ईसाई
(313 ई। के मिलान उद्घोषणा के बाद; 380 ई के बाद राजकीय धर्म)
शासन लोकतांत्रिक राजशाही
प्रमुख बादशाह
 -  c. 330–337 कोन्स्टान्टिन प्रथम
 -  457–474 लियो प्रथम
 -  527–565 जस्टिनियन प्रथम
 -  610–641 हेराक्लियस
 -  976–1025 बेसिल द्वितीय
 -  1081–1118 अलेक्सिय प्रथम
 -  1259–1282 माइकल अष्टम
 -  1449–1453 कोन्स्टान्टिन ग्यारहवां
ऐतिहासिक युग उत्तर आदिकाल से उत्तर मध्यकाल तक
 -  रोमन साम्राज्य का बंटवारा 285
 -  क़ुस्तुंतुनिया की स्थापना 330
 -  थियोडोसियस प्रथम की मृत्यु 395
 -  पश्चिमी रोमन साम्राज्य का आंशिक अंत 476
 -  चौथा धर्मयुद्ध - लैटिन साम्राज्य की स्थापना 1204
 -  पलायोलोगस वंश के अंतर्गत बाइज़ेंटाइन साम्राज्य द्वारा क़ुस्तुंतुनिया पर पुनर्विजय 1261
 -  ट्रेबिजोंड का पतन 15 अगस्त 1461
 -  थियोडोरो का पतन दिसंबर 1475
जनसंख्या
 -  565 AD est. 26 
 -  780 AD est.
 -  1025 AD est. 12 
मुद्रा सॉलिडस, फॉलिस
a. ^ Βασιλεία Ῥωμαίων may be transliterated in Latin as Basileia Rhōmaiōn, meaning Roman Empire.
b. ^ Between 1204 and 1261 there was an interregnum when the Empire was divided into the Empire of Nicaea, the Empire of Trebizond and the Despotate of Epirus, which were all contenders for rule of the Empire. The Empire of Nicaea is considered the legitimate continuation of the Byzantine Empire because they managed to re-take Constantinople.
c. ^ See Population of the Byzantine Empire for more detailed figures taken provided by McEvedy and Jones, Atlas of World Population History, 1978, as well as Angeliki E. Laiou, The Economic History of Byzantium, 2002.
समय के साथ बाईज़न्टाइन साम्राज्य के क्षेत्र में परिवर्तन

बाईज़न्टाइन साम्राज्य (या 'पूर्वी रोमन साम्राज्य') मध्य युग के दौरान रोमन साम्राज्य को दिया गया नाम था। इसकी राजधानी क़ुस्तुंतुनिया (कॉन्स्टैन्टिनोप्ल) थी, जोकि वर्तमान में तुर्की में स्थित है, और अब इसे इस्तांबुल के नाम से जाना जाता है। पश्चिमी रोमन साम्राज्य के विपरीत, इसके लोग यूनानी बोलते थे, नाकि लैटिन और यूनानी संस्कृति और पहचान का प्रभुत्व था। यह साम्राज्य लगभग ३२४ ई से १४५३ ई तक (एक हजार वर्षों से अधिक) अस्तित्व में रहा।

'बाइजेंटाइन साम्राज्य' या 'बाइजेंटियम' का इस्तेमाल १९वीं सदी से मध्यकाल के ग्रीक भाषा बोलने वाले रोमन साम्राज्य के लिए किया जाता था जो की वहां की राजधानी क़ुस्तुंतुनिया के आसपास बसा था। इस साम्राज्य को पूर्वी रोमन साम्राज्य के नाम से भी जाना जाता था। इस राज्य के रहने वालों के लिए ये सिर्फ रोमन साम्राज्य के नाम से जान जाता था और यहाँ से शासकों ने रोमन शाशकों पर बहुत कब्ज़े किये। इस्लाम की दुनिया में ये 'रोमानिया' के नाम से जाना जाता था।

राज्य की शुरुआत के बारे में कुछ भी निश्चित जानकारी नहीं है। बहुत लोग सम्राट कोन्स्तान्तिन प्रथम (306–337 ई.) को पहला बीजान्टिन शासक मानते हैं। जिन्होंने 330 ई. में अपनी राजधानी रोम से स्थानांतरित कर बिजिन्तिऊम नामक एक क़स्बे में कर दिया और इन्होंने इसका पुनर्निर्माण कराया और इसे कोंस्तान्तिनोपाल या फिर 'नया रोम' नाम दिया। कुछ लोग इस साम्राज्य की शुरुआत को थेओदोस्सिस (379–395) के राज्य की शुरुआत के वक्त को मानते हैं। साम्राज्य के गिरने की शुरुआत तब मानी जाती है जब ओट्टोमन तुर्कों ने कोंस्तान्तिनोपाल पर 1453 में कब्ज़ा कर लिया, पर ग्रीकों का राज साम्राज्य के दुसरे हिस्सों में कुछ और सालों तक चलता रहा जब तक मिस्त्रास 1460 में और ट्रेबिजोंद 1461 में गिर गए।

साम्राज्य का प्रारम्भ (३३० से ४७६ ईसापूर्व)[संपादित करें]


साम्राज्य पर विप्पत्ति (४७६ से ७१७ ईसापूर्व)[संपादित करें]

पश्चिम में लड़ाईयाँ[संपादित करें]

पूर्व में लड़ाईयाँ[संपादित करें]

साम्राज्य की बहाली (७१७ से १०२५ ईसापूर्व)[संपादित करें]

पश्चिम में बहाली[संपादित करें]

पूर्व में बहाली[संपादित करें]

साम्राज्य का पतन (१०२५ से १४५३ ईसापूर्व)[संपादित करें]