बहुवार

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
Jump to navigation Jump to search
बहुवार की एक पतली शाखा पर पत्तियाँ एवं पके फल

बहुवार या लसोड़ा (Cordia myxa) एक वृक्ष है जो भारतीय उपमहाद्वीप, चीन एवं विश्व के अनेक भागों में पाया जाता है। इसे हिन्दी में 'गोंदी' और 'निसोरा' भी कहते हैं। संस्कृत में 'श्लेषमातक' कहते हैं। इसके फल सुपारी के बराबर होते हैं। कच्चा लसोड़ा का साग और आचार भी बनाया जाता है। पके हुए लसोड़े मीठे होते हैं तथा इसके अन्दर गोंद की तरह चिकना और मीठा रस होता है, जो शरीर को मोटा बनाता है।

लसोड़े के पेड़ बहुत बड़े होते हैं इसके पत्ते चिकने होते हैं। दक्षिण, गुजरात और राजपूताना में लोग पान की जगह लसोड़े का उपयोग कर लेते हैं। लसोड़ा में पान की तरह ही स्वाद होता है। इसके पेड़ की तीन से चार जातियां होती है पर मुख्य दो हैं जिन्हें लमेड़ा और लसोड़ा कहते हैं। छोटे और बड़े लसोडे़ के नाम से भी यह काफी प्रसिद्ध है। लसोड़ा की लकड़ी बड़ी चिकनी और मजबूत होती है। इमारती काम के लिए इसके तख्ते बनाये जाते हैं और बन्दूक के कुन्दे में भी इसका प्रयोग होता है। इसके साथ ही अन्य कई उपयोगी वस्तुएं बनायी जाती हैं।

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]