बदरपुर-फरीदाबाद ऊपरीगामी सेतु

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बदरपुर-फरीदाबाद ऊपरीगामी सेतु दिल्ली के बदरपुर और हरियाणा के फरीदाबाद को जोड़ने वाला सेतु है। यह सेतु २९ नवम्बर, २०१० को बनकर तैयार हो गया और इसे यातायात के लिए खोल दिया गया। इस पुल की कुल लम्बाई ४.४ किलोमीटर है[1] और इसके निर्माण से दिल्ली की सर्वाधिक व्यस्त सड़कों में से एक बदरपुर-फरीदाबाद सड़क पर यातायात को सुचारू रूप से चलाने में सहायता मिली है। इस पुल के बन जाने के बाद दिल्ली के बदरपुर और हरियाणा के फरीदाबाद के बीच यात्रा करने में लगने वाले समय में बहुत कटौती हुई है। साइकिल, रिक्शा, दुपहिया एवं ऑटोरिक्शा का एलिवेटेड रोड पर चढ़ना प्रतिबन्धित है।

बदरपुर-फरीदाबाद ऊपरीगामी सेतु का चित्र।

इस पुल का निर्माण हिन्दुस्तान कंस्ट्रक्शन कम्पनी ने किया है और इस पुल की कुल लागत लगभग ५.७१ अरब रुपए है।[2] यह पुल बीओटी पर आधारित है तथा निर्माण कम्पनी इस पर से गुजरने वाले वाहनों से चुंगी कर वसूल करेगी। २० वर्षों तक टोल टैक्स वसूलने के बाद कम्पनी इस पुल को जनता को समर्पित कर देगी। टोल टैक्स की राशि इस प्रकार है:

वाहन प्रकार एक फेरा एक दिन मासिक पास
हल्के यात्री वाहन २० २४ ६००
हल्के व्यावसायिक वाहन ३० ४५ ९००
भारी व्यावसायिक वाहन ६० ९० १,८००

१ - हल्के यात्री वाहनों के प्रकार कार, जीप, वैन हैं
२ - भारी व्यावसायिक वाहनों के प्रकार बस, ट्रक, एमएवी, ईएमवी, एचसीए हैं।

इसके अतिरिक्त यदि व्यावसायिक वाहन दिल्ली में घुसते हैं तो उन्हें दिल्ली नगर निगम का एमएसडी चुंगी कर भी देना होगा। जैसे, टैक्सी, टैम्पो आदि को प्रति प्रवेश ३५ रुपये; बस, ट्रक, टाटा-७०९ कैण्टर आदि ७० रुपये प्रति प्रवेश, ६ पहिया ट्रक प्रति प्रवेश १४० रुपये, १० पहिया ट्रक प्रति प्रवेश २८० रुपये एवं १४ पहिया का ७०० रुपये एमसीडी कर लगेगा।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. बदरपुर सेतु के निर्माण की अन्तिम अड़चन भी दूर हुई (अंग्रेज़ी)
  2. दिल्ली-हरियाणा आए और करीब दैनिक जागरण समाचार