फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी

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फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी भारतीय पंचांग [1] के अनुसार बारहवें माह की अट्ठाइसवी तिथि है, वर्षान्त में अभी २ तिथियाँ अवशिष्ट हैं।

पर्व एवं उत्सव[संपादित करें]

==प्रमुख घटनाएँ== शिवपुराण के हवाले से बताया कि शिवरात्रि का पूजन व व्रत करने से वर्षभर के शिवरात्रि के समान फल की प्राप्ति होती है। लगातार चौदह वर्ष तक शिवरात्रि का व्रत-पूजन करने से एक हजार अश्वमेघ यज्ञ के समान व सौ वाजपेय यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है। 

जन्म[संपादित करें]

निधन[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

बाह्य कड़ीयाँ[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "संग्रहीत प्रति". मूल से 1 फ़रवरी 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 13 अक्तूबर 2016.