प्राचीन विश्व के सात आश्चर्य

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प्राचीन-विश्व के सात आश्चर्य या विश्व के सात आश्चर्य (अंग्रेज़ी: Seven Wonders of the Ancient World), प्राचीन उच्च वास्तुकला के नमूने हैं। यह सूची हेलेनिक (यूनानी) लोगो मे बहुत प्रसिध्द थी। परन्तु यह सूची सिर्फ़ भूमध्यसागर के आस-पास की इमारतों को ध्यान में रखकर बनायी गयी थी। यद्यपि वर्तमान स्वरूप की यह सूची, पुनर्जागरण काल तक स्थिर नहीं थी, पहली बार पहली-दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व ऐसी सूची सामने आयी थी। मूल सूची ने उम्र के माध्यम से असंख्य संस्करणों को प्रेरित किया, अक्सर सात प्रविष्टियों को सूचीबद्ध करते थे। मूल सात आश्चर्यों में से, केवल एक-गीज़ा का महान पिरामिड (जिसे खुफू का पिरामिड भी कहा जाता है), प्राचीन चमत्कारों में से सबसे पुराना और अपेक्षाकृत उपस्थित है। रोड्स का कॉलॉसस, सिकन्दरिया का प्रकाशस्तंभ, माउसोलस का मकबरा, अर्टेमिस का मन्दिर और ओलम्पिया में जियस की मूर्ति सभी नष्ट हो चुकी है। बेबीलोन के झूलते उपवन का स्थान और बुनियादी सत्य अज्ञात है, और अटकलें हैं कि शायद यह अस्तित्व में रहा ही नहीं होगा।

विषय क्षेत्र[संपादित करें]

सूची में केवल भूमध्यसागरीय और मध्य पूर्वी क्षेत्रों के मूर्तिकला और स्थापत्य स्मारकों को शामिल किया गया था, जिसमें ग्रीक के लिए ज्ञात दुनिया को शामिल किया गया था। इसलिए, इस क्षेत्र से दूर स्थित स्थलों को सूची में नहीं जोड़ा गया था।

हेलेनिस्टिक लेखकों द्वारा लिखे कविताओं का भी इस आश्चर्य सूची में शामिल स्थानों पर भारी प्रभाव पड़ा था। सात प्रविष्टियों में से पांच, यूनानीओं की कला और वास्तुकला में उपलब्धियों का नमुना है (गीज़ा के पिरामिड और बेबीलोन के उपवन को छोड़ कर)।

आश्चर्य सूची[संपादित करें]

नाम निर्माण का समय निर्माता विनाश का समय विनाश का कारण आधुनिक स्थान
गीजा का महान पिरामिड 2584 – 2561 ई.पू. मिस्रवासी अभी भी अस्तित्व में,
संगमरमर की आवृत दीवार भूकंप के कारण ढह गई
गीज़ा क़ब्रिस्तान, मिस्र
29°58′45.03″N 31°08′03.69″E / 29.9791750°N 31.1343583°E / 29.9791750; 31.1343583 (गीजा का महान पिरामिड)
बेबीलोन के झूलते उपवन
(अस्तित्व संसय में है)[1]
c. 600 ई.पू. (प्रत्यक्ष) बबीलोनवासी या असीरिया लोग 1 शताब्दी ईस्वी के बाद अज्ञात हिल्लाह या नीनवे, इराक
32°32′08″N 44°25′39″E / 32.5355°N 44.4275°E / 32.5355; 44.4275 (Hanging Gardens of Babylon)
अर्टेमिस का मन्दिर c. 550 ईसा पूर्व; और फिर 323 ईसा पूर्व में यूनानी, लिडियन्स 356 ईसा पूर्व (हेरोस्ट्रेटस द्वारा)
262 ई (गोथों द्वारा)
हेरोस्ट्रेटस द्वारा आगजनी, लूटपाट सेलसक के पास, तुर्की
37°56′59″N 27°21′50″E / 37.94972°N 27.36389°E / 37.94972; 27.36389 (Temple of Artemis at Ephesus)
ओलम्पिया में जियस की मूर्ति 466 – 456 ईसा पूर्व (मन्दिर)
435 ईसा पूर्व (मूर्ति)
यूनानी 5वीं – 6वीं शताब्दी ईस्वी कुस्तुंतुनिया में सत्ता का बदलते रहना; बाद में आगजनी द्वारा नष्ट कर दिया गया ओलिम्पिया, युनान
37°38′16.3″N 21°37′48″E / 37.637861°N 21.63000°E / 37.637861; 21.63000 (Statue of Zeus at Olympia)
माउसोलस का मकबरा 351 ईसा पूर्व यूनानी,[2][3] फारसी, कैरियन्स 12वीं – 15वीं शताब्दी ईस्वी भूकंप बोडरम, तुर्की
37°02′16″N 27°25′27″E / 37.0379°N 27.4241°E / 37.0379; 27.4241 (Mausoleum at Halicarnassus)
रोड्स का कॉलॉसस 292 – 280 ईसा पूर्व यूनानी 226 ईसा पूर्व रोड्स में 226 ईसा पूर्व आये भूकंप रोड्स, यूनान
36°27′04″N 28°13′40″E / 36.45111°N 28.22778°E / 36.45111; 28.22778 (रोड्स का कॉलॉसस)
सिकन्दरिया का प्रकाशस्तंभ c. 280 ईसा पूर्व यूनानी, टॉलेमिक मिस्रवासी 1303 – 1480 ईस्वी 1303 क्रेते भूकंप सिकन्दरिया, मिस्र
31°12′50″N 29°53′08″E / 31.21389°N 29.88556°E / 31.21389; 29.88556 (सिकन्दरिया का प्रकाशस्तंभ)

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. There is some conjecture as to whether the Hanging Gardens actually existed, or were purely legendary (see Finkel, Irving (1988) “The Hanging Gardens of Babylon,” In The Seven Wonders of the Ancient World, Edited by Peter Clayton and Martin Price, Routledge, New York, pp. 38 ff. ISBN 0-415-05036-7).
  2. Kostof, Spiro (1985). A History of Architecture. Oxford: Oxford University Press. पृ॰ 9. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0-19-503473-2.
  3. Gloag, John (1969) [1958]. Guide to Western Architecture (Revised संस्करण). The Hamlyn Publishing Group. पृ॰ 362.