प्रत्यास्थलक

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प्रत्यास्थलक (=प्रत्यास्थ बहुलक / इलैस्टोमर=इलैस्टिक पॉलीमर) उन बहुलकों को कहते हैं जिनमें श्यानता के साथ-साथ प्रत्यास्थता भी पायी जाती है। प्राञ्ः इनमें अन्तरा-अणुक बल बहुत अल्प होते हैं ; इनका यंग प्रत्यास्थता गुणांक बहुत कम होता है तथा ये बहुत अधिक विकृति के बाद ही टूटते हैं। 'प्रत्यास्थलक' और 'रबर' इन दो शब्दों को प्रायः एक ही अर्थ में प्रयोग किया जाता है किन्तु वल्कनीकरण के सन्दर्भ में रबर का प्रयोग अधिक होता है।

प्रत्यास्थलक बनाने वाले अणु प्रायः कार्बन, हाइड्रोजन, आक्सीजन, और सिलिकन से बने होते हैं।

उदाहरण[संपादित करें]

(A) - अपनी सामान्य स्थिति में पॉल्य्य्मर;
(B) - तनाव की स्थिति में वही पॉलीमर।
जब तनाव हटा लिया जाता है तो ये पॉलीमर A स्थिति में आ जाते हैं, (बिन्दु, क्रॉस-लिंक को निरूपित कर रहे हैं।)

असंतृप्त रबर (Unsaturated rubbers) - जो सल्फर वल्कनीकरण द्वारा क्योर किये जा सकते।

(Unsaturated rubbers can also be cured by non-sulfur vulcanization if desired)।

संतृप्त रबर (Saturated rubbers) - जो सल्फर वल्कनीकरण द्वारा क्योर नहीं किये जा सकते।

"The definitions are not authentic as the Rubber which is classified in World Customs Organisation Books in Chapter 40, where as the above definitions stating all rubber and different polymers in same chapter which is classified in Chapter 39 of the World Custom Organisation's Harmonised Commodity for Description and coding system. One should go through all differentiation while editing between Plastics and articles thereof and Rubber and articles thereof."

Various other types of elastomers: Various other types of 4S elastomers: