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प्रक्षेप्य की परास

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जब किसी प्रक्षेपास्त्र को क्षैतिज सें किसी θ कोण पर प्रक्षेपित (फेंका) किया जाता है। तो उसके वेग के क्षैतिज घटक एवं उड्डयन काल के गुणनफल को प्रक्षेप्य का परास कहते हैं। यह प्रक्षेप्य द्वारा क्षैतिज दिशा में तय की गई कुल दूरी के बराबर होता है। प्रक्षेप्य के परास को R से प्रदर्शित करते हैं।

माना कि किसी प्रक्षेपास्त्र को u वेग से क्षैतिज से θ कोण पर फेंका जाता है तो वेग का क्षैतिज घटक ux = u cos θ एवं ऊर्ध्वाधर घटक uy = u sin θ होगा। एवं इसका उड्डयन काल T = (2u sin θ)/g है तब प्रक्षेप्य का परास

R = ux .T = (u cos θ) × (2u sin θ)/g

= (2u² sin θ . cos θ)/g

= (u² sin 2θ) /g

अधिकतम परास प्राप्त करने के लिए आवश्यक शर्त[संपादित करें]

उपरोक्त विवेचन से हमें ज्ञात है कि प्रक्षेप्य का परास R = (u² sin 2θ) /g है। प्रक्षेप्य के अधिकतम परास के लिए sin 2θ का मान अधिकतम अर्थात् sin 2θ = 1 होना चाहिए। या sin 2θ = sin 90° अर्थात् 2θ = 90° या θ = 45° होगा। एवं प्रक्षेप्य का अधिकतम परास Rmax = u² /g होगा।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]