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पोतनिर्माण

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१९४३ में एक अमेरिकी जलपोत का निर्माण

पोतनिर्माण (Shipbuilding) से आशय जलयानों एवं अन्य तैरने वाले यानों के विनिर्माण से है। पोतनिर्माण का कार्य पोत प्रांगण (शिपयार्ड) में किया जाता है जहाँ इस कार्य के लिये आवश्यक सुविधायें होतीं हैं। पोतनिर्माण का कार्य प्रागैतिहासिक काल से ही होता चला आ रहा है।

व्यापारिक एवं सैनिक दोनों प्रकार के पोतों का निर्माण तथा रखरखाव नौइंजीनियरी (naval engineering) कहलाते हैं। नौका का निर्माण भी पोतनिर्माण जैसा ही है, इसे 'नौकानिर्माण' कहते हैं।

जलपोतों की आयु समाप्त हो जाने पर उन्हें तोड़कर उनके विभिन्न भाग अलग-अलग करके अन्य कार्यों में प्रयोग कर लिये जाते हैं।

शिपनिर्माण उद्योग की वैश्विक स्थिति
रैंकदेशसन २०१८ में पूरा किया गया कुल टन क्षमता (हजार)[1]सन २०१८ के नए ऑर्डर के अनुसार बाजार का हिस्सा [2]
1 दक्षिण कोरिया49,60040%
2 चीन43,90036%
3 जापान13,0057%
4अन्य देश5,00017%

बड़े जलयानों के कुछ उदाहरण

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सन्दर्भ

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  1. ↑ "Largest shipbuilding nations based on gross tonnage 2018 - Ranking". Statista. 2 मई 2020 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 7 मई 2020.
  2. ↑ "Global shipbuilding market by region: contracting 2018 - Statistic". Statista. 2 मई 2020 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 7 मई 2020.

इन्हें भी देखें

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बाहरी कड़ियाँ

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