पेर्सेइड

पर्सीड्स एक शानदार उल्का वर्षा है जो स्विफ्ट-टटल धूमकेतु से जुड़ी है। यह जुलाई के मध्य से अगस्त के अंत तक दिखाई देती है। इन उल्काओं को पर्सीड्स कहते हैं क्योंकि ये पर्सियस तारामंडल की दिशा से आती हैं और आधुनिक समय में इनका केंद्र कैसिओपिया और कैमलोपार्डालिस की सीमा पर होता है।
नाम की उत्पत्ति
[संपादित करें]पर्सीड्स नाम ग्रीक शब्द "पर्सेईदाई" से आता है, जिसका अर्थ है ग्रीक पौराणिक कथाओं में पर्सियस के पुत्र।
विशेषताएँ
[संपादित करें]पर्सीड्स उल्का वर्षा का केंद्र पर्सियस तारामंडल में होता है। ये उल्काएँ, जो लगभग दस मिलीमीटर आकार की होती हैं, पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय चमकती हैं। इनके पीछे की चमक करीब 0.7 सेकंड तक दिखती है।[1]
स्विफ्ट-टटल धूमकेतु का मलबा पर्सीड बादल बनाता है, जो धूमकेतु के 133 साल के कक्षा पथ पर फैलता है। इस बादल में ज्यादातर कण हज़ारों साल पुराने हैं, लेकिन 1865 में धूमकेतु से निकला एक नया धूल का हिस्सा भी शामिल है, जो चरम तारीख से एक दिन पहले छोटा-सा उल्का प्रदर्शन दिखाता है। यह बादल पृथ्वी के पास लगभग 0.1 खगोलीय इकाई चौड़ा और 0.8 खगोलीय इकाई लंबा है, जो हर साल पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण शक्ति से फैलता है।[2]
कब और कहाँ दिखती हैं
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पर्सीड्स उल्का वर्षा जुलाई के मध्य से दिखना शुरू होती है और 9 से 14 अगस्त के बीच सबसे ज्यादा सक्रिय रहती है। इस दौरान हर घंटे 60 या उससे ज्यादा उल्काएँ देखी जा सकती हैं। ये पूरे आसमान में चमकती हैं, लेकिन इनका उद्गम बिंदु पर्सियस तारामंडल में होता है। इसलिए इन्हें सबसे अच्छी तरह उत्तरी गोलार्ध में देखा जा सकता है।
उल्काओं का सबसे अच्छा नज़ारा आधी रात के बाद से सुबह होने से पहले के समय में मिलता है। उस वक्त पृथ्वी उल्का वर्षा के मलबे वाले बादल में तेज़ी से प्रवेश करती है। कुछ उल्काएँ आधी रात से पहले भी नजर आती हैं। ये वायुमंडल से टकराकर लंबी चमकीली लकीरें बनाती हैं और कभी-कभी आग के गोले जैसे भी दिखती हैं।
दिन में सुबह से दोपहर तक भी उल्काएँ आती हैं, लेकिन उजाला होने की वजह से दिखाई नहीं देतीं। ज़्यादातर पर्सीड्स उल्काएँ करीब 80 किलोमीटर की ऊँचाई पर जलकर खत्म हो जाती हैं।[3][4]
ऐतिहासिक अवलोकन और संबंध
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कुछ कैथोलिक लोग पर्सीड्स को "सेंट लॉरेंस के आँसू" कहते हैं। वे मानते हैं कि ये उल्काएँ आकाश में रुकी रहती हैं, लेकिन हर साल 10 अगस्त को, सेंट लॉरेंस के शहीदी दिवस (258 ईस्वी) पर, पृथ्वी पर लौटती हैं। कथा है कि सेंट लॉरेंस को एक गर्म तवे पर जिंदा जलाया गया था। उनकी मृत्यु का तरीका ही संभवतः उस भूमध्यसागरीय लोककथा का आधार है, जिसमें कहा जाता है कि उल्काएँ सेंट लॉरेंस की शहादत की चिंगारियाँ हैं। किंवदंती के अनुसार, 9 से 10 अगस्त की रात को पौधों के नीचे ठंडी राख मिलती है, जिसे "सेंट लॉरेंस का कोयला" कहते हैं।[5][6]
ईसाई धर्म ने पुराने पौराणिक देवताओं और उनके त्योहारों को सेंट लॉरेंस और उनके 10 अगस्त के पर्व से बदल दिया। इस प्रक्रिया को ईसाईकरण कहते हैं। यह बदलाव आसान हुआ क्योंकि लैटिन नाम लॉरेंटियस का उच्चारण अक्का लारेंटिया से मिलता-जुलता है। अक्का लारेंटिया एक प्राचीन देवी थीं, जिन्हें गर्मियों में प्रियापस के साथ उर्वरता के देवता के रूप में पूजा जाता था।[7]
रोमन लोग मानते थे कि पर्सीड्स की चमकीली लकीरें प्रियापस के बीज की शुभ वर्षा हैं, जो खेतों को आशीर्वाद देती हैं और उर्वरता बढ़ाती हैं। इस समय फालिक जुलूस और अन्य यौन रीति-रिवाज आम थे। ईसाई धर्म, जिसका यौनिकता और प्रजनन के प्रति दृष्टिकोण ग्रीको-रोमन संस्कृति से अलग था, ने इस यौनिक अर्थ को शहादत की कहानी से बदल दिया।[8]
1836 में, फ्रांसीसी खगोलशास्त्री एडॉल्फ क्वेटलेट ने लिखा: "मुझे लगता है कि अगस्त (8 से 15 तारीख) में इन उल्काओं की संख्या बढ़ जाती है।" ऐतिहासिक रिकॉर्ड पढ़ने के बाद, उन्होंने 10 अगस्त को चरम की भविष्यवाणी की।[9] उन्होंने अन्य खगोलशास्त्रियों को पत्र लिखा, जिन्होंने 10 अगस्त 1837 की रात को इसकी पुष्टि की। दुर्भाग्यवश, खराब मौसम के कारण क्वेटलेट खुद यह नजारा नहीं देख पाए।[10]
1866 में, स्विफ्ट-टटल के 1862 में सूर्य के निकट आने के बाद, इतालवी खगोलशास्त्री जियोवानी वर्जिनियो स्कियापरेली ने उल्का वर्षा और धूमकेतुओं के बीच संबंध खोजा। उन्होंने यह खोज अपने पत्रों में एंजेलो सेकी को बताई।[11]
यह भी देखें
[संपादित करें]संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ "Perseid meteor shower to light up night sky this weekend". Usatoday.com. 2010-08-07.
- ↑ D.W. Hughes (1996). "Cometary Dust Loss: Meteoroid Streams and the Inner Solar System Dust Cloud". In J. Mayo Greenberg (ed.). The Cosmic Dust Connection. Springer Science & Business Media. p. 375. ISBN 9789401156523.
- ↑ "Perseids Meteor Shower 2018". timeanddate.com. अभिगमन तिथि: 2018-07-30.
- ↑ "What is a radiant point? (List of the radiant points of all the meteor showers)". Wonders in Space.
- ↑ (इतालवी में) Falling stars and coal under the basil www.sanlorenzomaggiore.net
- ↑ (इतालवी में) The Coal of Saint Lawrence balbianblog.blogspot.it
- ↑ "SHOOTING STARS". utestudents BLOG.
- ↑ (इतालवी में)"Alla scoperta di Castrum Inui" (PDF). Associazione Turistica Pro Loco Ardea. मूल से (PDF) से 14 June 2018 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 14 August 2024.
- ↑ Annuaire de l'Observatoire Royal de Bruxelles, Volume 4, 1836, p272 (In French)
- ↑ Sauval, J., "Quetelet and the Discovery of the First Meteor Showers", WGN, Journal of the International Meteor Organization, {25} February 1997, pp 21-33
- ↑ Sauval, J., "Quetelet and the Discovery of the First Meteor Showers", WGN, Journal of the International Meteor Organization, {25} February 1997, pp 21-33