पूरक डीएनए

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जनन विज्ञान मे पूरक डीएनए (cDNA) है जो दोगुना असहाय डीएनए संश्लेषित होता है अकेला असहाय आरएनए टेम्पलेट से जिस मे एंजाइम रिवर्स ट्रांसक्रिपटेस द्वारा उत्प्रेरक प्रतिक्रिया होती है। पूरक डीएनए इस्तेमाल होता है क्लोन करने मे यूकेरियोटिक जीन प्रोकैर्योट में। जब वैज्ञानिकों को एक सेल में विशिष्ट प्रोटीन को अभिव्यक्त करना होता है तो सामान्य रूप से प्रोटीन व्यक्त नहीं करते जो हस्तांतरण करते है सीडीएनए को जो कोड करते है प्रोटीन को प्राप्तकर्ता सेल मे।

सीडीएनए उत्पादित होता है रेट्रोवायरस से।[1] सीडीएनए मे इंट्रोन्स मौजूद नहीं होते है।

संश्लेषण[संपादित करें]

सीडीएनए संश्लेषित होता है अकेला असहाय आरएनए टेम्पलेट से। आरएनए जिस से संश्लेषित होता है- एमआरएनए। एंजाइम रिवर्स ट्रांसक्रिपटेस का उपयोग कर के।

  • एमआरएनए मे प्राइमर जोड़ना पोलीTTTT हो जिस मे और साथ मे एंजाइम रिवर्स ट्रांसक्रिपटेस।
  • एंजाइम रिवर्स ट्रांसक्रिपटेस और प्राइमर के मदद से एक पूरक अनुक्रम बनता है।
  • एमआरएनए हमे नही चाहए तो एंजाइम आरएनस की मदद से एमआरएनए को हटा देगे।
  • फिर सीडीएनए खुद ही ३' से अपना प्राइमर बना लेता है और अपना पूरक अनुक्रम बना लेता है।
  • विशिष्ट नूक्लेअसे एंजाइम से सीडीएनए को कटा जाता है और २ अनुक्रम बन जाते है।

आवेदन[संपादित करें]

  • पूरक डीएनए अक्सर जीन क्लोनिंग में या जीन जांच के रूप में प्रयोग किया जाता है।

13 जून, 2013 को, संयुक्त राज्य अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के आण्विक पैथोलॉजी वी के लिए एसोसिएशन में शासन किया। असंख्य आनुवंशिकी है कि जब मानव जीन पेटेंट नहीं किया जा सकता है, हो सकता है सीडीएनए।[2]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Croy, Ron. "Molecular Genetics II - Genetic Engineering Course (Supplementary notes)". Durham University durham.ac.uk; 20 April 1998. मूल से 2002-08-24 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 4 February 2015.
  2. Liptak, Adam (13 June 2013). "Supreme Court Rules Human Genes May Not Be Patented". दि न्यू यॉर्क टाइम्स. अभिगमन तिथि 14 June 2013.