परिकल्पित विलोपन

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अर्थशास्त्र तथा औद्योगिक डिजाइन के सन्दर्भ में, परिकल्पित विलोपन या योजनाबद्ध अप्रचालन (planned obsolescence या built-in obsolescence या premature obsolescence) से आशय योजना या डिजाइन की उस नीति से है जो उस उत्पाद के उपयोगी जीवनकाल को कृत्रिम रूप से सीमित कर देती है। अर्थात एक पूर्वनिर्धारित समय के बाद उत्पाद अनुपयोगी हो जाता है, यदि वह परिकल्पित विलोपन के सिद्धान्त का पालन करते हुए डिजाइन किया गया है। इस तरह की नीति उस उत्पाद के दीर्घकालिक विक्री की मात्रा को बढ़ाने के उद्देश्य से अपनायी जाती है। दूसरे शब्दों में परिकल्पित विलोपन की नीति में जानबूझकर उत्पादों का जीवनकाल कम रखा/किया जाता है ताकि उपभोक्ता नए सामान खरीदने को विवश हों।

सन्दर्भ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

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