नारायण कार्तिकेयन

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नारायण कार्तिकेयन(जन्म: १४ जनवरी १९७७, मद्रास मेें) भारत के एकमात्र फॉरमूला वन चालक थे। पिछले कई वर्षों में फॉरमूला थ्री में शिरकत करने के पश्चात वर्ष २००५ में नारायण कार्तिकेयन ने आस्ट्रेलियन ग्रान्ड प्रिक्स से अपने फॉरमूला वन कैरियर की शुरूआत की। यद्यपि वह १५वें स्थान पर आये तब भी उनका उभर कर आना सराहनीय है। वर्ष २०११ मैं नारायण ने हिस्पेनिय रेसिंग टीम के लिए ड्राइविंग की है। 2013 में हिस्पेनिय रेसिंग टीम की फॉरमूला वन में लिस्ट न होने के कारण वह दोबारा ड्राइविंग नहीं कर पाए।

भारत सरकार ने उन्हे 2010 में देश का चौथा उच्चतम नागरिक सम्मान पद्म श्री दिया।[1]

पूर्व कैरियर[संपादित करें]

कार्तिकेयन का जन्म मद्रास (तमिल नाडु मैं) मैं हुआ। कार्तिकेयन ने विद्यालय सिक्षा स्टेन्स एंग्लो इंडियन हाइयर सेकोण्डारी स्कूल, कोयम्बटूर से ग्रहण की। उनकी मोटोर्स्पोर्ट मैं जिज्ञासा छोटी उम्र मैं ही शुरू हो गयी थी क्यूंकी उनके पिता पूर्व दक्षिण भारतीय राष्ट्रीय रैलि विजेता थे (७ बार)। भारत का पहला फॉर्मूला वन ड्राईवर बनने के सपने के साथ नारायण ने अपनी पहली रेस श्रीपेरुंपुडुर मैं फॉर्मूला मारुति मैं की। वह फिर एल्फ विनफील्ड रेसिंग स्कूल, फ़्रांस मैं गए और अपनी प्रतिभा पिलोते एल्फ कॉम्पटिशन मैं फॉर्मूला रेनॉल्ट कार्स के लिए सेमी फ़ाईनलिस्ट बनकर १९९२ मैं दिखाई।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. "Padma Awards" (PDF). Ministry of Home Affairs, Government of India. 2015. मूल (PDF) से 15 November 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि July 21, 2015.