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द नाइन्थ वेव

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द नाइन्थ वेव
The Ninth Wave
कलाकारईवान आईवाज़ोवस्की
वर्ष1850
प्रकारकैनवस पर तेल से
परिमाप221 cm × 332 cm (87 इंच × 131 इंच)
अवस्थिति

द नाइन्थ वेव या नौवीं लहर (रूसी: Девятый вал, Dyevyatiy val) रूसी आर्मेनियाई समुद्री चित्रकार ईवान आईवाज़ोवस्की द्वारा 1850 में कैनवस पर तेल से चित्रित एक पेंटिंग/चित्र है। सार्वजनिक जान्कारी में यह यह उनकी सर्वोत्कृष्ट रचना है।[1][2]

शीर्षक द नाइन्थ वेव जिसका शाब्दिक अर्थ है नौवीँ लहर इस समुद्री तथ्य को प्रदर्शित करता है कि समुद्री लहरें क्रमानुसार उंची और ज्यादा ताकतवर होती जाती हैं और ९ य १० के बाद फ़िर से उसी क्रम में कम से ज्यादा होते हुए तट की ओर बहती हैं। [3]

यह चित्र एक ऐसे समुद्र का चित्रण है जिसमें रात के तूफ़ान के बाद एक टूटे हुए जहाज से यात्री अपनी जान बचाने के लिए जहाज के मलबे पर चढे जा रहें हैं, फ़िर भी मृत्यु को प्राप्त हो रहे हैं। चित्र की रंगत गर्म है जिससे समुद्र की डरावनी छवि कम प्रतीत होती है जिससे यात्रियों के जीवन के बचने की संभावनाएँ बनती दिखती हैं। इस चित्र में बादलों के बीच में गर्म उजले रंगों में सूर्य की रोशनी आती दिखाई देती है। चित्र में तेल से बने रंगों का अद्भुत व मनोरम उपयोग किया गया है। शाम की हल्की रोशनी में ठंडे उफनते समुद्र के बीच फंसी नाँव व लहरों के चित्रण के लिये चित्रकार ने बेहद खूबसूरती से हरे, पीले, काले व सफेद रंगो का प्रयोग किया है जिससे ये पेंटिंग बेहद आकर्षक दिखती है।

सन्दर्भ

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  1. "The Ninth Wave". हर्मिटेज संग्रहालय. मूल से से 4 नवंबर 2013 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 1 नवम्बर 2013.
  2. "Aivazovsky, I. K. The Ninth Wave. 1850". ऑबर्न विश्वविद्यालय. मूल से से 5 जुलाई 2015 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: 10 दिसम्बर 2013. 1850 में चित्रित "The Ninth Wave," आईज़ोवस्की कि सर्वश्रेष्ठ रचना है और चित्रकार के लिये आद्यप्ररूपीय (archetypal) चित्र है।
  3. Ninth Wave Theory Archived 2015-10-19 at the वेबैक मशीन at freaquewaves.blogspot.com

बाहरी कड़ियाँ

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