द्वयाधारी कूटित दशमलव

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द्वयाधारी कूटित दशमलव (अंग्रेज़ी:बाइनरी कोडेड डेसिमल) इलेक्ट्रॉनिक एवं कंप्यूटिंग सिस्टम्स में, दशमलव संख्या प्रणाली की संख्याओं प्रत्येक अंक के लिये एक द्वयाधारी कूट देकर मिश्रित रूप में पूरी दशमलव संख्या केल इये लिखा गया द्वयाधारी रूप का कूट होता है। इस प्रणाली की मुख्य सुविधा है, इसके द्वारा कूटित संख्याओं को वापस अंतरन अत्यंत सरल होना है। इस कारण त्वरित गणनाओं का रास्ता बनता है। बीसीडी में प्रायः चार बिट से प्रत्येक अंक दर्शाये जाते हैं, जो ०-९ तक के अंकों के परिचायक होते हैं।

कूटीकरण[संपादित करें]

दशमलव संख्या को बीसीडी कूट अंतरण हेतु प्रत्येक दशामलव अंक को एक चार-बिट (निबल) में सहेजा जाता है।

दशमलव :    0     1     2     3     4     5     6     7     8     9
बीसीडी:     0000  0001  0010  0011  0100  0101  0110  0111  1000  1001

अतएव संख्या १२७ के लिये बीसीडी एनकोडिंग होगी

 0001 0010 0111

चूंकि अधिकांश कंप्यूटर डाटा को ८-बिट रूप में भंडारण करते हैं, तो १ निबल के बीसीडी अंकों को सहेजने के दो तरीके होते हैं:

  • प्रत्येक अंक एक बाइट के एक निब्ल में सहेजा जाता है, जिसका दूसरा निबल सभी-शून्य कर दिय़ा जाता है, या सभी १ (एबसाइडिक कूट की तरह), या 0011 (आस्की कूट की तरह)
  • प्रत्येक बाइट में दो अंक सहेजे जाते हैं।

संदर्भ[संपादित करें]

बाहरी सूत्र[संपादित करें]