तड़ित चोंटे

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तड़ित चोंटे वह चोंटे होती है जो की बिजली के गिरने से होती है। बिजली के अचानक गिरने से व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है क्यूंकि बिजली की वोल्टेज बहुत ही अधिक होती है। तड़ित चोंटे होने के बहुत से कारण होते है जिनमे से बिजली के नुकसान, तीव्र गर्मी और इनसे उत्पन्न होने वाली यांत्रिक ऊर्जा का परिणाम है।[1] तड़ित चोंटे व्यक्ति को या तो सीधे लगती है, या किसी वस्तु से टकराने के बाद या फिर धरती से टकराके। तड़ित चोंटे लगने के कारण कुछ व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है और कुछ व्यक्ति जो मरते तो नहीं है अपितु उम्रभर के लिए अपाहिज हो जाते हैं। सबसे ज्यादा संकटपूर्ण चोंट संचार प्रणाली पर हुई चोंट से होती है, और बिजली के झटके से जब फेफड़े तक पीड़ित होते हैं। तड़ित चोंटे शारीर के बाकि अंगो पर भी प्रहार करती है और कभी-कभी बिजली का वोल्टेज ज्यादा होने के कारण इंसान की मृत्यु भी हो जाती है। [2]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Chris Andrews - JOLR
  2. Gretel Ehrlich (1994). A match to the heart. Penguin Books. ISBN 0-14-017937-2. The author tells of her slow recovery after being struck by lightning.