तंत्रिका परिधीय जहर

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तंत्रिका परिधीय जहर वह ज़हरीले पदार्थ होते है जो की तांत्रिक ऊतक का संहार करते है और नाडियों को कमजोर करते है। यह परिधीय ज़हर वह ज़हर है जो की व्यक्ति की चुनी हुई तंत्रिका पर प्रभाव दिखाते है। तंत्रिका परिधीय जहर में आने वाले पदार्थ है लेड, इथेनॉल, मैंगनीज, नाइट्रिक ऑक्साइड, टेटन्स, आदि। इन पदार्थो के कारण कोशिकाओ की झल्ली पर आयन की कंसंट्रेशन कम हो जाती है जिससे तंत्रिकाओ पर से नियंत्रण छूट जाता है जिससे तंत्रिकाओ का दिमाग से संचार ख़त्म हो जाता है।[1] तंत्रिका परिधीय जहर शारीर और दिमाग के संचार में रुकावट डालते है जिससे की उसका दिमागी संतुलन बिगड़ जाता है। बहुत से तंत्रिका परिधीय जहर है जिनका उपयोग करने से कच समय तक व्यक्ति अच महसूस करते है परन्तु धीरे-धीरे उनके पराधीन हो जाते है। ऐसे तंत्रिका परिधीय जहर है शराब, डोपामाइन, ग्लूटामेट, नाइट्रिक ऑक्साइड आदि।[2]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Adams, Michael E.; Olivera, Baldomero M. (1994). "Neurotoxins: Overview of an Emerging Research Technology". Trends in Neuroscience. 17 (4)
  2. Bernier, Brian E., Leslie R. Whitaker, and Hitoshi Morikawa (2011) "Previous Ethanol Experience Enhances Synaptic Plasticity of NMDA Receptors in the Ventral Tegmental Area." The Journal of Neuroscience, 31.14: 5305–212.