ड्रॉ

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चेस के अंतिम क्षणों में कई बार ऐसा भी होता है कि हमारे पास ऐसे मोहरे ही बचते हैं जिससे सामने वाले को हराना सम्भव नहीं होता है। उस अवस्था में दोनों खिलाड़ी मिलकर तय करते हैं कि किसी की हारजीत हुए बिना खेल खत्म किया जाए या ड्रा किया जाए। जैसे अन्त में दोनों के राजा ही बचे। या किसी के पास एक ही घोड़ा या ऊँट बचा या दोनों के पास ऊंट या घोड़े हैं तो इन हालत में हारना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा। इसलिए मिलकर तय कर ड्रा कर लिया जाता है।