गतिक क्रमादेशन

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गणित, प्रबन्धन विज्ञान, अर्थशास्त्र, बायोइन्फॉर्मैटिक्स और कम्प्यूटर विज्ञान में गतिक क्रमादेशन (डाइनैमिक प्रोग्रामिंग) जटिल समस्याओं को सरल चरणों में तोड़कर हल करने के लिए एक विधि है। इसे 'गतिक इष्टतमीकरण' (डायनैमिक ऑप्टिमाइजेशन) भी कहते हैं। यह उन समस्याओं पर लागू है जो अपनी तरह की छोटी समस्याओं के अतिव्यापन और इष्टतम तरफ को प्रदर्शित करती है। जब लागू होती है, यह विधि सहज (naive) तरीकों से भी कम समय लेती है।

गतिक क्रमादेशन में एक बड़ी समस्या को सबसे पहले छोटी-छोटी (सरल) उपसमस्याओं के रूप में बदला जाता है। इसके बाद इन सरल समस्याओं को केवल एक बार हल किया जाता है तथा इनके हलों को संगृहीत (स्टोर) कर लिया जाता है। इस काम के लिये स्मृति-आधारित डेटा-स्ट्रक्चर का उपयोग किया जाता है। अगली बार जब भी वही उपसमस्या सामने आती है तो उसको पुन्ः हल करने के बजाय उसके संगृहीत हल को ले लिया जाता है। इस प्रकार कुछ स्मृति का अतिरिक्त उपयोग करके गणना में लगने वाले समय की बचत की जाती है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]