ट्रायक

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ट्रायक का प्रतीक
विभिन्न आकार-प्रकार के ट्रायक
एक सरल परिपथ में ट्रायक की कार्यविधि

ट्रायक (TRIAC) तीन सिरों (टर्मिनल) वाली एक इलेक्क्त्रानिक युक्ति है जो ट्रिगर किये जाने पर दोनों दिशाओं में (आगे और पीछे) धारा को प्रवाहित होने देती है। इसका 'ट्रायोड' नाम 'ट्रायोड फॉर अल्टरनेटिंग करेण्ट' के लिये दिया गया है। पार्श्व चित्र में ट्रायोड का संकेत दिया गया है जिसमें A1 एनोड१ है, A2 एनोड२ है तथा G गेट है जो 'ट्रिगर' करने के काम आता है। प्रायः एनोड१ और एनोड२ को मुख्य टर्मिनल १ (MT1) तथा मुख्य टर्मिनल २ (MT2) कहा जाता है।

चूंकि यह दोनों दिशाओं में धारा बहने देता है, अतः एक ट्रायोड दो एस सी आर के समतुल्य है जो एन्टी-पैरेलेल जुड़े हों।

ट्रायक के आँकड़े का उदाहरण[संपादित करें]

एक समान्य ट्रायक के स्पेसिफिकेशन [1][2]
Variable name Parameter Typical value Unit
Gate threshold voltage 0.7-1.5 V
Gate threshold current 5–50 mA
Repetitive peak off-state forward voltage 600–800 V
Repetitive peak off-state reverse voltage 600–800 V
RMS on-state current 4–40 A
On-state current, non-repetitive peak 100–270 A
On-state forward voltage 1.5 V


सन्दर्भ[संपादित करें]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]