जॉन हिक्स
| Neo-Keynesian economics | |
|---|---|
|
Hicks in 1972 | |
| जन्म |
08 अप्रैल 1904 Warwick, England, UK |
| मृत्यु |
20 मई 1989 (उम्र 85 वर्ष) Blockley, England, UK |
| राष्ट्रीयता | British |
| संस्थान |
Gonville & Caius College, Cambridge London School of Economics University of Manchester Nuffield College, Oxford |
| शिक्षा | Balliol College, Oxford |
| प्रभावों | Léon Walras, Friedrich Hayek, Lionel Robbins, Erik Lindahl, John Maynard Keynes |
| योगदान |
IS/LM model Capital theory, consumer theory, general equilibrium theory, welfare theory, induced innovation |
| पुरस्कार | Nobel Memorial Prize in Economic Sciences (1972) |
| IDEAS/RePEc में जानकारी | |
सर जॉन हिक्स (Sir John Richard Hicks ; 8 अप्रैल 1904 – 20 मई 1989) एक ब्रिटिश अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता थे। उन्हें २०वीं सदी के सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली अर्थशास्त्रियों में से एक माना जाता है। उन्होंने सामान्य संतुलन सिद्धांत और कल्याणकारी अर्थशास्त्र में मौलिक योगदान दिया। उनके कार्य ने आधुनिक अर्थशास्त्र की नींव को मजबूत किया और सन् १९७२ में उन्हें केन्नेथ एरो के साथ संयुक्त रूप से अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। [1]
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
[संपादित करें]जॉन हिक्स का जन्म 8 अप्रैल, 1904 को वॉरविक, इंग्लैंड में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा क्लिफ्टन कॉलेज और फिर ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के बैलिओल कॉलेज से प्राप्त की। शुरुआत में उनकी रुचि साहित्य और इतिहास में थी, लेकिन बाद में उन्होंने अर्थशास्त्र को अपना मुख्य क्षेत्र चुना। 1926 में, उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) में लेक्चरर के रूप में कार्य करना शुरू किया।
अकादमिक करियर और योगदान
[संपादित करें]हिक्स ने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और मैनचेस्टर विश्वविद्यालय सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाया। उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना "वैल्यू एंड कैपिटल" (1939) है, जिसने अर्थशास्त्र के क्षेत्र में क्रांति ला दी।
प्रमुख योगदान:
[संपादित करें]- IS-LM मॉडल: हिक्स ने जॉन मेनार्ड कीन्स के सिद्धांतों की व्याख्या और विस्तार करने के लिए IS-LM मॉडल विकसित किया। इस मॉडल ने मैक्रोइकॉनॉमिक्स की शिक्षा और विश्लेषण में एक केंद्रीय स्थान हासिल किया और वास्तविक क्षेत्र और मौद्रिक क्षेत्र के बीच संबंधों को समझाया।
- सामान्य संतुलन सिद्धांत: उन्होंने लियोन वाल्रास के सामान्य संतुलन सिद्धांत को आगे बढ़ाया और उसे एक गतिशील रूप दिया।
- कल्याणकारी अर्थशास्त्र: हिक्स ने "हिक्सियन कम्पेंसेशन क्राइटेरियन" दिया, जिसका उपयोग यह आकलन करने के लिए किया जाता है कि कोई आर्थिक नीति सामाजिक कल्याण को बढ़ाती है या नहीं।
- व्याज सिद्धांत: उन्होंने "लिक्विडिटी प्रेफरेंस" के आधार पर ब्याज दरों के एक सिद्धांत को विकसित करने में मदद की।
पुरस्कार और सम्मान
[संपादित करें]- नोबेल मेमोरियल पुरस्कार in Economic Sciences (1972): केन्नेथ एरो के साथ संयुक्त रूप से "सामान्य आर्थिक संतुलन सिद्धांत और कल्याण सिद्धांत में उनके अग्रणी योगदान" के लिए प्रदान किया गया।
- नाइटहुड (1964): उन्हें महारानी एलिजाबेथ द्वितीय द्वार सर की उपाधि से सम्मानित किया गया।
निजी जीवन और विरासत
[संपादित करें]हिक्स ने 1935 में अर्थशास्त्री अर्सुला वेब से विवाह किया, जो स्वयं एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री थीं। उनकी पत्नी ने उनके कई शोध कार्यों में सहयोग किया।
सर जॉन हिक्स का 20 मई, 1989 को निधन हो गया। आधुनिक मैक्रोइकॉनॉमिक्स और सूक्ष्मअर्थशास्त्र पर उनका गहरा प्रभाव आज भी जारी है। IS-LM मॉडल आज भी दुनिया भर में मैक्रोइकॉनॉमिक्स पाठ्यक्रमों का एक मूलभूत हिस्सा है।
सन्दर्भ (स्रोत)
[संपादित करें]- नोबेल प्राइज आधिकारिक वेबसाइट: The Nobel Prize in Economics 1972 - John R. Hicks - Biography and Nobel Lecture. (सबसे प्रमाणिक स्रोत)
- ब्रिटानिका: "Sir John R. Hicks | British Economist, Nobel Laureate & Welfare Economics." Encyclopædia Britannica.
- द कन्वर्सेशन / इकोनॉमिक्स हेरिटेज: "John Hicks: one of the most significant and influential economists of the 20th century." (शैक्षणिक विश्लेषण के लिए)
- स्टैनफोर्ड एनसाइक्लोपीडिया ऑफ फिलॉसफी: "John Hicks." (गहन सैद्धांतिक जानकारी के लिए)
सन्दर्भ
[संपादित करें]- ↑ The Sveriges Riksbank Prize in Economic Sciences in Memory of Alfred Nobel 1972 Archived 2013-05-26 at the वेबैक मशीन. Nobelprize.org. Retrieved on 28 July 2013.