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जावेद करीम

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
जावेद करीम 2008 में

जावेद करीम: (जन्म: 28 अक्टूबर 1979) एक बंगाली मूल के जर्मन-अमेरिकी सॉफ्टवेयर इंजीनियर और इंटरनेट उद्यमी हैं। वह यूट्यूब के सह-संस्थापकों में से एक हैं और इस साइट पर वीडियो अपलोड करने वाला पहला व्यक्ति है। 24 अप्रैल 2005 को अपलोड किए गए इस साइट के उद्घाटन वीडियो " मी एट द जू " को मई 2025 तक 360 मिलियन से ज़्यादा बार देखा जा चुका है। पेपाल में काम करने के दौरान जहाँ उनकी मुलाकात YouTube के सह-संस्थापक स्टीव चेन और चाड हर्ले से हुई उन्होंने इसके कई मुख्य घटकों को डिज़ाइन किया जिसमें इसका रीयल-टाइम एंटी-फ्रॉड सिस्टम भी शामिल है। यद्यपि अक्टूबर 2006 में Google की मूल कंपनी, अल्फाबेट को YouTube बेचने के बाद से उन्होंने अपेक्षाकृत कम प्रोफ़ाइल रखी है फिर भी वह काफी व्यस्त रहे हैं, निवेश कर रहे हैं और दुनिया भर में विभिन्न इंटरनेट स्टार्टअप बनाने के प्रयास में काम कर रहे हैं।

प्रभारत जीवन

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करीम का जइंस्टाग्रामबर्ग, पूर्व जर्मनी में हुआ था। लेकिन 1981 में वह जर्मनी की सीमा को पार कर ेसारा परिवार नेऊस्ीय उच्च विद्यालय, मिनेसोटा में पढ़ाई करने के बाद यह ल्लिनोइस विश्वविद्यालय में पढ़ने गए। जहां यह कम्प्यूटर विज्ञान में शिक्षा अर्जित कर वहाँ से पेपल के एक कर्मचारी बन गए। साथ ही वह अपने पढ़ाई भी पूरी करने लगे। उसके बाद वह स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी कर निकल गए।

पेपल में कार्य करते हुए वह चेड हरले और स्टेव चेन से मिले। वह तीनों बाद में 2005 को यूट्यूब के संस्थापक बन जाते हैं। यू-ट्यूब का पहल वीडियो करीम द्वारा 23 अप्रैल 2005 को डाला जाता है। उस वीडियो का नाम "मी एट द ज़ू" रखा था। यह उसी दिन डाला जाता है जब करीम ने अपना खाता बनाया था।[1]

इस कंपनी के स्थापना और यूट्यूब के निर्माण के बाद वह और चेड हरले व स्टेव चेन सभी अपनी पढ़ाई पूरी कर के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से निकल जाते हैं। उसके बाद यूट्यूब को गूगल खरीद लेता है। करीम और अन्य उसके बाद एक दिशा निर्देशक के रूप में यूट्यूब में कार्य करते हैं। करीम को इसके लिए गूगल के स्टॉक का 1,37,443 भाग मिलता है। यह लगभग $64 मिलियन (₹3,25 करोड़ रुपये) की कीमत होती है। यह कीमत उस समय गूगल के स्टॉक उस समय का बन्द होने वाला मूल्य के अनुसार है।[2]

उसके बाद मार्च 2008 में करीम ने उद्यम निधि को बनाया, जो वर्तमान में या पूर्व में विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थी को सहायता कर उसके व्यापार के विचार को बनाना था।[3]

गूगल+ पर प्रतिक्रिया

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6 नवंबर 2013 को गूगल ने किसी भी यूट्यूब में टिप्पणी के लिए केवल गूगल+ के खाते को अनिवार्य कर दीया था। इस तरह के जबर्दस्ती गूगल+ उपयोग करने के फैसले का लगभग सभी यूट्यूब समुदाय के लोगों ने विरोध किया। इसके विरोध में 2,40,000 लोगों ने हस्ताक्षर कर इसका विरोध किया।[4]

यूट्यूब पर टिप्पणी करने के लिए गूगल+ को अनिवार्य करने पर प्रतिक्रिया में करीम ने अपने यूट्यूब खाते पर लिखा की मुझे यूट्यूब पर वीडियो में टिप्पणी लिखने के लिए गूगल+ की क्या आवश्यकता है। उसके बाद उसके डाले गए वीडियो का विवरण बदल कर "में चिड़िया घर में हूँ" कर दिया। और लिखा कि अब में यहाँ कभी टिप्पणी नहीं करूंगा, क्योंकि मुझे गूगल+ खाता नहीं चाहिए। यूट्यूब समुदाय के नाराजगी के चलते, गूगल ने सार्वजनिक रूप से इस पर माफी मांगी। गूगल+ प्रयोक्ता को उसके वास्तविक नाम हेतु जबर्दस्ती करता था। इस कारण यह यूट्यूब प्रयोक्ता के मध्य प्रसिद्ध नहीं हो पाया। उसके बाद गूगल ने अपने सभी उत्पादों में गूगल+ की अनिवार्यता को हटा दिया।[5]

इन्हें भी देखें

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मुस्तफा सुलेमान - माइक्रोसॉफ्ट एआई के सीईओ

सबीह खान - एप्पल इंक चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO)

सन्दर्भ

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  1. "Me at the zoo, YouTube's first video". 4 फ़रवरी 2011 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 25 सितंबर 2015.
  2. New York Times: YouTube’s Payoff: Hundreds of Millionders Archived 2016-12-25 at the वेबैक मशीन, दि न्यू यॉर्क टाइम्स, February 7, 2007.
  3. "YouTube Co-Founder Starts Venture Capital Firm". Mashable. 20 March 2008. 26 अगस्त 2019 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: 25 सितंबर 2015.
  4. "YouTube faces backlash for Google+ integration". CNN. 23 जुलाई 2019 को मूल से पुरालेखित. अभिगमन तिथि: September 10, 2014.
  5. "Google is dropping its Google+ requirement across all products, starting with YouTube". VentureBeat. मूल से से 19 सितंबर 2015 को पुरालेखित।. अभिगमन तिथि: August 8, 2015.

बाहरी कड़ियाँ

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