छद्म बल

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छद्म बल ( fictitious force या pseudo force या d'Alembert force]] एक आभासी बल है जो उन सभी द्रव्यमानों पर लगता है जिनकी गति को किसी अजड़त्वीय सन्दर्भ फ्रेम का उपयोग करके वर्णित किया गया हो। उदाहरण के लिये, घूर्णी फ्रेम (rotating reference frame) में यदि किसी पिण्ड की गति का वर्णन करना हो तो उस पर लगने वाले वास्तविक बलों के bcjgdअलावा आभासी बल या बलों को भी उस पिण्ड पर लगाना पड़ेगा।

सामान्यतः न्यूटन का द्वितीय नियम जड़त्वीय फ्रेमों पर ही लागू होता है लेकिन अजड़त्वीय फ्रेमों में न्यूटन के द्वितीय नियम का प्रयोग करने के लिए हमें छद्म बलों को भी लगाना होगा।
छद्म बल चार प्रकार के होते हैैं:-

१.फ्रेम के रेखीय त्वरण के कारण छद्म बल:- यदि कोई फ्रेम किसी जड़त्वीय फ्रेम के सापेक्ष किसी रेखीय त्वरण से गति कर रहा हो तो उस फ्रेम से वर्णन करने पर किसी पिण्ड पर छद्म बल फ्रेम के त्वरण की विपरीत दिशा में लगेगा। २. अपकेन्द्र बल‌‌(Centrifugal Force):- यह छद्म बल घूर्णी फ्रेमों में प्रयुक्त होता है। किसी जड़त्वीय निर्देश फ्रेम के सापेक्ष किसी अक्ष पर घूर्णन करते हुए किसी फ्रेम से किसी पिण्ड का वर्णन करने पर उस पिण्ड पर अपकेन्द्र बल पिण्ड को घूर्णन केन्द्र से मिलाने वाली रेखा के अनुदिश त्रिज्यात: बाहर की ओर लगेगा। ३.कोरिओलिस बल(Coriolis Force):- यह बल भी घूर्णी फ्रेमों में प्रयुक्त होता है। यदि कोई अजड़त्वीय फ्रेम किसी कोणीय वेग से घूर्णन कर रहा हो तो उस फ्रेम के सापेक्ष किसी वेग से गति करते हुए पिण्ड पर फ्रेम के कोणीय वेग तथा पिण्ड के वेग के सदिश गुणन की दिशा की विपरीत दिशा में कोरिओलिस बल लगेगा। ४.यूलर बल(Euler Force):- यह बल असमान कोणीय वेग से घूर्णन करने वाले फ्रेमों से किसी पिण्ड का वर्णन करने पर पर उस पिण्ड पर लगता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]