चार रंग की प्रमेय

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चार रंग के मानचित्र का उदाहरण

चार रंग की प्रमेय, या चार रंग मानचित्र प्रमेय एक गणितीय प्रमेय है जिसके अनुसार, किसी तल का संस्पर्शी क्षेत्रों में हुआ विभाजन मानचित्र नामक छवि का निर्माण करता है और इस मानचित्र के क्षेत्रों को रंगने के लिए चार से अधिक रंगों की आवश्यकता नहीं होती बशर्ते दो आसन्न (एक दूसरे से सटे हुए) क्षेत्र एक ही रंग से ना रंगे जायें। दो क्षेत्र, आसन्न तब ही माने जाते हैं जब उनकी सीमा साझी हो, ना कि वो मात्र एक बिन्दु पर मिलते हों।

सन्दर्भ[संपादित करें]