ग्रीन कॉफ़ी

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चाय और कॉफी हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गए हैं।

जहां पहले इनका सेवन जायके लिए किया जाता था, वहीं आज स्वास्थ्य के लिहाज से इन पेय पदार्थों का सेवन किया जा रहा है।

चाय में तो पहले ही हर्बल और ग्रीन-टी के रूप में कई विकल्प बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन अब इसी क्रम में ग्रीन कॉफी का नाम भी जुड़ गया है।

तो आइए जानते हैं ग्रीन कॉफ़ी क्या हैं ? इसके क्या फायदे और नुकसान क्या हैं

क्या है ग्रीन कॉफी?[संपादित करें]

कॉफी के पौधे से हरे रंग के बीजों को लेकर पहले उन्हें भुना जाता है और फिर पीसकर कॉफी बनाई जाती है।

इस प्रक्रिया से कॉफी का रंग हरे से बदलकर हल्का या गहरा भूरा हो जाता है और स्वाद भी बढ़ जाता है, लेकिन कॉफी में मौजूद एंटीआक्सीडेंट जैसे गुणकारी तत्व खत्म हो जाते हैं।

वहीं, जब कॉफी को बिना भुने पीसकर पाउडर बनाया जाता है, तो इसे ग्रीन कॉफी कहते हैं, जिसमें कई गुणकारी तत्व सम्मिलित होते हैं।

ग्रीन कॉफी के फायदे[संपादित करें]

  1. वजन नियंत्रण : अगर आप बढ़ते वजन से परेशान हैं और किसी भी तरह की डाइट का अच्छी तरह पालन नहीं कर पा रहे हैं, तो ग्रीन कॉफी का सेवन शुरू कर दीजिए। ग्रीन कॉफी में अत्यधिक मात्रा में केल्प (एक प्रकार का समुद्री खरपतवार) होता है, जिसमें भरपूर मात्रा में खनिज और विटामिन पाए जाते हैं। यह शरीर में जरूरी पोषक तत्वों को संतुलित बनाए रखता है। साथ ही यह मेटाबॉलिज्म के स्तर को नियंत्रित करता है, जिससे शरीर में मौजूद जरूरत से ज्यादा चर्बी और कैलरी को कम किया जा सकता है (1)। इसलिए, ग्रीन कॉफी वजन कम Archived 2019-10-24 at the Wayback Machine करने के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकती है
  2. डायबिटीज : टाइप-2 डायबिटीज से ग्रस्त मरीज ग्रीन कॉफी का सेवन कर सकते हैं। इसे पीने से रक्त में बढ़ा हुआ शुगर का स्तर कम हो सकता है। साथ ही वजन भी कम होने लगता है और ये दोनों चीजें ही टाइप-2 डायबिटजी को ठीक करने के लिए जरूरी हैं ।
  3. ग्रीन कॉफी के सेवन से मिलता है हृदय रोग से निजात वजन कम करने के साथ-साथ ग्रीन कॉफी हृदय रोगों से भी निजात दिलाने में मददगार है, क्योंकि इसमें क्लोरोजेनिक एसिड होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। इसके सेवन से रक्त नलिकाओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे हृदय रोगों से लड़ने में मदद मिलती है। साथ ही ग्रीन कॉफी पीने से ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म में सुधार होता है और रक्तचाप नियंत्रित होता है। इसलिए दिन में एक बार तो इसका सेवन जरूर करें।
  4. सिरदर्द : अगर ग्रीन कॉफी को सीमित मात्रा में पिया जाए, तो यह सिरदर्द से भी राहत दे सकती है। यह न सिर्फ सिरदर्द को कम कर सकती है, बल्कि उसे दूर भी कर सकती है। ग्रीन कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट इस काम में मदद करते हैं

ग्रीन कॉफी के अत्यधिक सेवन से हो सकते हैं कई नुकसान[संपादित करें]

1 इसका सीमित सेवन शायद नुकसान न पहुंचाए, लेकिन थोड़ी भी अधिक मात्रा लेने पर यह आपको पेट की खराबी या उससे जुड़ी अन्य समस्या हो सकती है।

2 सिर में दर्द होना या फिर एंजीयटी भी इसके कुछ नुकसानों में शामिल है लेकिन जरूरी नहीं यह बात सभी पर लागू हो।

3 ग्लूकोमा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, ऑस्टियोपोरोसिस, ब्लीडिंग डिसऑर्डर्स आदि समस्याओं से जूझ रहे लोगों में यह नुकसानदायक साबित हो सकती है जिसकी असली वजन इसमें मौजूद कैफीन है।