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गंगा तलाब, मॉरिशस

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गंगा तलाब
ग्रैण्ड बेसिन
मारीशस में गंगा तलाब
स्थान मारीशस
निर्देशांक20°25′05″S 57°29′31″E / 20.41806°S 57.49194°E / -20.41806; 57.49194निर्देशांक: 20°25′05″S 57°29′31″E / 20.41806°S 57.49194°E / -20.41806; 57.49194
स्थानीय नामगंगा तलाव
द्रोणी देशमारीशस
सतही ऊँचाई550 मी॰ (1,800 फीट)
बस्तियाँसवान्ने

गंगा तलाब (जिसे ग्रैंड बेसिन भी कहा जाता है) मॉरीशस में एक क्रेटर (शांत ज्वालामुखी पर स्थित) में बना जलाशय है। यह सगर सतह से १८०० फ़ीट ऊपर स्थित है और सवान्ने जिला के पहाड़ी इलाके में स्थित है। यह स्थल मॉरिशस में बसे हिन्दू लोगों के लिए पवित्रतम स्थान है। गंगा तलाव के तट पर ही हिन्दू भगवान शिव, हनुमान और लक्ष्मी देवी का एक भव्य मंदिर भी स्थित है। महाशिवरात्रि के पर्व पर सभी तीर्थयात्री अपने घर से इस तलाव तक नंगे पैर चल कर जाते है।[1]


मंगल महादेव - शिव की प्रतिमा[संपादित करें]

मंगल महादेव 33 मी॰ (108 फीट)लंबी हिंदू देवता, शिव की अपने त्रिशूल के साथ प्रतिमा है जो गंण्गा तलाब के प्रवेश द्वार पर स्थापित है। इस प्रतिमा का उद्घाटन २००७ व्में हुआ था और यह मॉरीशस की सबसे ऊंची प्रतिमा है। यह प्रतिमा वडोदरा,गुजरात स्थित सुरसागर झील की हूबहू प्रति है।


दुर्गा माता मूर्ति और शिव मूर्ति[संपादित करें]

 दुर्गा देवी की १०८ फीट ऊंची प्रतिमा है। ढेरों हिन्दू मारीषियाई लोग हर्षोल्लास के साथ यहां दुर्गा पूजा और शिवरात्रि के त्योहार मनाते हैं। शिवरात्रि यहां राष्ट्रीय अवकाश है और यहां के हिन्दुओ का पवित्रतम त्योहार है।

इतिहास[संपादित करें]

सन१८९७ में दो पुजारियों ने सपने में देखा की ग्रैंड बेसिन की झील का जल जाह्नवी से उत्पन्न हुआ और गंगा जी का एक भाग बन गया। उन पुजारियों ने लोगों को इस सपने के बारे में बताया और इस तरह यह पुरे मॉरिशस में फ़ैल गई। उसी वर्ष तीर्थयात्री ग्रैंड बेसिन तक पैदल चल कर गए, तलाब में से जल लिया और महाशिवरात्रि के पर्व पर शिव जी को अर्पित किया। इस गंगा तलाव का संचालन मॉरिशस सनातन धर्मं मंदिर संस्थान और हिन्दू महासभा करती है।[1]

तभी से यह परंपरा बन गयी है कि प्रत्येक वर्ष शिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालु गंगा तलाव तक पैदल यात्रा करते है। हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस तलाव में गंगा जल अर्पित किया[2] और महादेव जी की पूजा भी की।[3] अब यही गंगा तलाव मॉरिशस में स्थित सभी धर्मों, संप्रदाय और वर्ण के लोगों के लिए एक पवित्र भूमि बन चुकी है।

चित्र दीर्घा[संपादित करें]

संदर्भ[संपादित करें]

  1. "गंगोत्री से निकली और मॉरिशस तक बही गंगा". Youngisthan.in. 2015-03-14. मूल से 7 अगस्त 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 2018-08-07.
  2. News), Raftaar News(Latest Hindi. "गंगा-तलाव की ताज़ा ख़बर, ब्रेकिंग न्यूज़ in Hindi". news.raftaar.in. अभिगमन तिथि 2018-08-07.[मृत कड़ियाँ]
  3. News), Raftaar News(Latest Hindi. "गंगा-तलाव की ताज़ा ख़बर, ब्रेकिंग न्यूज़ in Hindi". news.raftaar.in. अभिगमन तिथि 2018-08-07.[मृत कड़ियाँ]