खैरा बाज़ार
खैरा बाजार
खैरा बाजार خیرا بازار | |
|---|---|
| गाँव | |
| खैरा | |
| निर्देशांक: 27°29′33″N 81°29′28″E / 27.49250°N 81.49111°E | |
| देश | |
| राज्य | |
| जिला | |
| ब्लाॅक | तजवापुर |
| ग्राम पंचायत | खैरा बाज़ार |
| डाकघर | खैरा बाजार |
| संस्थापक | खैरात अली |
| शासन | |
| • प्रणाली | लोकतांत्रिक |
| • ग्राम प्रधान | श्रीमती नूरजहां बानो (रशीद प्रधान की बहन) (निर्दलीय) |
| • सांसद MP | आनंद कुमार गोंड |
| • विधायक MLA | सुरेश्वर सिंह |
| • समाजिक कार्यकर्ता | हाफिज अब्दुल बारी |
| • समाजिक कार्यकर्ता | रशीद अहमद प्रधान |
| जनसंख्या | 3,703 |
| भाषा | |
| • अधिकारिक | हिंदी |
| • बोलचाल की भाषा | हिंदी उर्दू अवधी |
| • लिखने पढ़ने की भाषा | हिंदी उर्दू अंग्रेज़ी और अरबी |
| खैरा बाजार के कुछ नाम चिन लोग | |
| • सिद्दीकी | भड़काऊ सिद्दीकी, बछ्छन होटल वाले, साबिर सिद्दीकी, सज्जाद सिद्दीकी, शकील सिद्दीकी, इदरीश सिद्दीकी, गुलजार सिद्दीकी, छोटकउ सिद्दीकी, |
| • क़ुरैशी | अब्दुल हक कुरैशी, मुन्ना कुरैशी मोटरसाइकिल वाले, शब्बू कुरैशी, शम्मू कुरैशी, |
| समय मण्डल | भारतीय मानक समय (यूटीसी+5:30) |
| पिनकोड | 271902 |
| टेलिफ़ोन कोड | 05255 |
| गाड़ियां | यूपी-40 |
खैरा बाजार उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्थित एक ग्रामीण बाजार और ग्राम पंचायत है। यह महसी तहसील और तजवापुर विकास खंड के अंतर्गत आता है। यह क्षेत्र अपने व्यापारिक महत्व, प्राकृतिक संसाधनों जैसे मैला ताल और सरयू नहर, और सांस्कृतिक सौहार्द के लिए जाना जाता है। खैरा बाजार आसपास के गाँवों, जैसे चक और मैला सरैया, के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और सामाजिक केंद्र है।[1]
भूगोल
[संपादित करें]खैरा बाजार बहराइच जिला मुख्यालय से 19 किमी उत्तर में, फखरपुर से 9 किमी, और जैतापुर बाजार से 8 किमी की दूरी पर स्थित है। यह मरौचा-बौंडी रोड पर बसा है। क्षेत्र की जलवायु गर्म और आर्द्र उपोष्णकटिबंधीय है, जिसमें गर्मियाँ (अप्रैल-जुलाई), मानसून (जुलाई-सितंबर), और ठंडी सर्दियाँ (दिसंबर-जनवरी, तापमान -1 से 7 डिग्री सेल्सियस) होती हैं।[2]
प्राकृतिक संसाधन
[संपादित करें]- मैला ताल: खैरा बाजार के पश्चिम में एक झील जैसा तालाब, जो लगभग 5 किमी लंबा और 1 किमी चौड़ा है। इससे निकलने वाला एक नाला खैरा बाजार को दो हिस्सों (पूर्व-उत्तर और पश्चिम-दक्षिण) में बाँटता है।
- सरयू नहर (इमामगंज राजवाहा): बाजार के पूर्व में स्थित, यह नहर क्षेत्र की कृषि के लिए प्रमुख सिंचाई स्रोत है।
- रानी बाग: पूर्व में एक मैदान, जहाँ पहले पशु बाजार लगता था। अब यहाँ एक छोटा क्रिकेट स्टेडियम है।
प्रशासन
[संपादित करें]- पिन कोड 271902 (फखरपुर सब पोस्ट ऑफिस के अधीन)।
- ग्राम पंचायत खैरा बाजार, जिसके प्रधान रशीद अहमद हैं।
- पुलिस स्टेशन पूर्व और उत्तर हिस्सा: नगर कोतवाली, बहराइच।
- पश्चिम और दक्षिण हिस्सा बौंडी पुलिस स्टेशन।
निकटतम गाँव और दूरी
- चक गाँव 2 किमी
- मैला सरैया: 2 किमी
- मरौचा: 6 किमी
- बौंडी: 9 किमी
- जैतापुर बाजार: 8 किमी
- बहराइच शहर: 19 किमी (उत्तर दिशा)
जनसंख्या और संस्कृति
[संपादित करें]2011 की जनगणना के अनुसार, खैरा गाँव की कुल जनसंख्या 3,703 है, जिसमें 1,878 पुरुष और 1,825 महिलाएँ शामिल हैं। गाँव में कुल 731 परिवार निवास करते हैं। 0-6 वर्ष की आयु के बच्चों की संख्या 679 है, जो कुल जनसंख्या का 18.34% है। खैरा गाँव का लिंग अनुपात 972 है, जो उत्तर प्रदेश के औसत लिंग अनुपात 912 से अधिक है। बच्चों (0-6 वर्ष) का लिंग अनुपात 1,027 है, जो उत्तर प्रदेश के औसत 902 से अधिक है।गाँव की साक्षरता दर 50.60% है, जो उत्तर प्रदेश की औसत साक्षरता दर 67.68% से कम है। पुरुषों की साक्षरता दर 58.07% है, जबकि महिलाओं की साक्षरता दर 42.81% है। अनुसूचित जाति (SC) की जनसंख्या 215 है, जो कुल जनसंख्या का 5.81% है, जबकि गाँव में अनुसूचित जनजाति (ST) की जनसंख्या शून्य है।कुल जनसंख्या में से 925 लोग कार्यरत हैं, जिनमें से 45.84% (424) मुख्य श्रमिक (6 महीने से अधिक समय तक रोजगार) और 54.16% (501) सीमांत श्रमिक (6 महीने से कम समय के लिए रोजगार) हैं। मुख्य श्रमिकों में 111 खेतीहर (मालिक या सह-मालिक) और 181 कृषि मजदूर शामिल हैं।[3] खैरा बाजार में हिंदू और मुस्लिम समुदाय लगभग बराबर मात्रा में निवास करते हैं, जिसमें मुस्लिम समुदाय की संख्या थोड़ी अधिक है। यहाँ होली, दीवाली, ईद, और बकरीद जैसे त्योहार उत्साहपूर्वक मनाए जाते हैं। अवधी संस्कृति का प्रभाव क्षेत्र की भाषा, भोजन, और परंपराओं में देखा जा सकता है। रानी बाग में क्रिकेट टूर्नामेंट और स्थानीय मेले सामुदायिक आयोजनों का हिस्सा हैं।
सुविधाएँ
[संपादित करें]डाक सेवाएँ
[संपादित करें]खैरा बाजार में एक ब्रांच पोस्ट ऑफिस (पिन कोड: 271902) है, जो फखरपुर सब पोस्ट ऑफिस (S.O.) के अधीन कार्य करता है। यह पत्र, पार्सल, स्पीड पोस्ट, और वित्तीय सेवाएँ जैसे सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र (KVP), और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट्स (NSC) प्रदान करता है।
शिक्षा
[संपादित करें]- सरकारी: प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाई स्कूल।
- निजी: जे.के. लाइन इंग्लिश स्कूल।
- धार्मिक शिक्षा: मदरसा इस्लामिया अरबिया इशाहातुल उलूम।
स्वास्थ्य
[संपादित करें]- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC): बुनियादी चिकित्सा सुविधाएँ। कई निजी क्लिनिक और हाॅस्पिटल हैं। जैसे!
- नेशनल पाॅली क्लीनिक एवं (जच्चा-बच्चा केंद्र)
- लखनऊ हेल्थ केयर क्लीनिक
- एस. आर. हर्षा हाॅस्पिटल (चाइल्ड केयर सेंटर)
- ए. पी. जी. हाॅस्पिटल
- पशु चिकित्सालय: चंगियां गाँव में, 1.5 किमी दूरी पर स्थित है।[4]
बैंकिंग
[संपादित करें]- आर्यावर्त ग्रामीण बैंक।
- हिताची एटीएम।
धार्मिक स्थल
[संपादित करें]- मरकज मस्जिद: स्थानीय मुस्लिम समुदाय का प्रमुख पूजा स्थल।
व्यापार
[संपादित करें]खैरा बाजार का चौराहा एक व्यापारिक केंद्र है, जहाँ किराना स्टोर, रेस्तराँ, और मेडिकल स्टोर मौजूद हैं। यह आसपास के गाँवों (चक, मैला सरैया, आदि) के लिए महत्वपूर्ण बाजार है।
अर्थव्यवस्था
[संपादित करें]खैरा बाजार की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है। धान, गेहूँ, गन्ना, सरसों, और दालें प्रमुख फसलें हैं, जिन्हें सरयू नहर से सिंचाई सुविधा प्राप्त होती है। चौराहे पर दुकानें और छोटे व्यवसाय स्थानीय अर्थव्यवस्था को समर्थन देते हैं। पहले रानी बाग में पशु बाजार लगता था, जो अब शायद बंद हो चुका है।
कनेक्टिविटी
[संपादित करें]खैरा बाजार मरौचा-बौंडी रोड पर स्थित है और सड़क मार्ग से बहराइच (19 किमी), फखरपुर (9 किमी), और जैतापुर (8 किमी) से जुड़ा है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) और निजी बसें बहराइच, लखनऊ, और अन्य शहरों के लिए नियमित सेवाएँ प्रदान करती हैं। निकटतम रेलवे स्टेशन जरवल रोड (55 किमी) और बहराइच रेलवे स्टेशन हैं।
इतिहास
[संपादित करें]खैरा बाजार ऐतिहासिक रूप से अवध क्षेत्र का हिस्सा है और पहले रेहुआ रियासत के अधीन था, जिसका किला आज भी कस्बा बेड़नापुर में सरयू नदी के किनारे स्थित है। क्षेत्र का नाम खैरा बाजार खैर के पेड़ों (Acacia catechu) के कारण पड़ा, जो गाँव के बसने से पहले इस क्षेत्र में बहुतायत में पाए जाते थे। स्थानीय परंपराओं के अनुसार, इन खैर के पेड़ों को काटकर यहाँ घर और बस्तियाँ बनाई गईं, जिसके कारण इस स्थान का नाम "खैरा" पड़ा। समय के साथ यह क्षेत्र एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और सामाजिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]संदर्भ
[संपादित करें]- ↑ "खैरा बाजार गंदगी से परेशान". अमर उजाला. अभिगमन तिथि: ६ जून २०२५.
- ↑ "खड़ी ट्रैक्टर ट्राली के पीछे घुसी बाइक, अधेड़ घायल खैरा". livehindustan.com. अभिगमन तिथि: ७जून २०२५.
{{cite web}}: Check date values in:|access-date=(help)[मृत कड़ियाँ] - ↑ "खैरा बाजार और खैरा ग्राम पंचायत की जनसंख्या". www.census.com. अभिगमन तिथि: ०७ २०२५जून.
{{cite web}}: Check date values in:|access-date=(help) - ↑ "Veterinarian Arvind Pathak Risks Life to Treat Animals in Dilapidated Hospital जर्जर भवन में चल रहा खैरा बाजार पशु चिकित्सालय, Bahraich Hindi News - Hindustan". www. Livehindustan.com. अभिगमन तिथि: ०१ जुलाई २०२५.
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