खेल का इतिहास

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खुसरो प्रथम को चतुरंग का खेल प्रदर्शित करते हुए भारतीय दूत

खेल का इतिहास मानव के अतीत जितना पुराना है।[1] सदा से खेल, संस्कृति के अभिन्न अंग रहे हैं और मानव के सामाजिक अन्तःक्रिया के प्राचीनतम रूप हैं।

खेल प्रतियोगिताओं का संक्षिप्त इतिहास

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प्राचीन समय में लोग बहुत अधिक शक्तिशाली होते थे। तथा राजा-महाराजा अपनी सेना में कई शक्ति लोगो को रखते थे। व आसपास के राज्यों में शक्तिशाली लोगो का बड़ा-चढ़ाकर प्रचार करते थे। ताकि पडोसी राज्यों पर अपना दबदबा कायम रख सके।

परंतु आस-पडोसी राज्य भी कहा कम थे। वे भी बड़ा-चढ़ाकर अपने शक्ति लोगो का प्रचार करते थे। कौन ज्यादा शक्तिशाली है इस बात का फैसला जब तक मुकाबला नहीं हो कैसे बता सकते है। कौन अधिक शक्तिशाली है, यह पता लगाने के लिए आसपास के कई राज्य मिलकर प्रतियोगिता आयोजित करने लगे। बस यही से ही खेल प्रतियोगिताओं की शुरुआत हुई। ओलम्पिक खेलो की शुरुआत भी इसी तरह से हुई थी।

प्राचीन समय में दौड़, मुक्केबाजी, कुश्ती, तलवारबाजी, भला फेंकना, तीरंदाजी, घुड़दौड़ और रथों की दौड़ आदि कई तरह के खेलो का आयोजन होता था। धीरे-धीरे कई देशो से नए-नए खेल व खिलाडी जुड़ने लगे व ओलम्पिक की शुरुआत हुई।

प्राचीन ओलंपिक खेलों का आयोजन 1200 साल पूर्व योद्धा-खिलाड़ियों के बीच हुआ था। हालांकि ओलंपिक का पहला आधिकारिक आयोजन 776 ईसा पूर्व में हुआ था, जबकि आखिरी बार इसका आयोजन 394 ईस्वी में हुआ। इसके बाद रोम के सम्राट थियोडोसिस ने इसे मूर्तिपूजा वाला उत्सव करार देकर इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

आधुनिक ओलंपिक खेलों का आयोजन 1896 में पहली बार ग्रीस की राजधानी एथेंस में हुआ। आज ओलम्पिक अंतर्राष्ट्रीय खेल जगत की सबसे बड़ी प्रतियोगिता है। ओलम्पिक खेलो का आयोजन हर चार साल में किया जाता है।

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Radoff, Jon (May 2010), "History of Social Games," "Archived copy". मूल से 27 मई 2010 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 24 मई 2010.सीएस1 रखरखाव: Archived copy as title (link)

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]

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