केश प्रत्यारोपण

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केश प्रत्यारोपण (हेयर ट्रांसप्लांट) सर्जरी एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया है, जिसकी मदद से सिर के पिछले व साइड वाले हिस्से से, दाढ़ी, छाती आदि से बालों को लेकर सिर के गंजे भाग में implant कर दिया जाता है। इसकी वजह यह कि सिर के पिछले हिस्से के बाल आमतौर पर नहीं झड़ते इस लिए सिर के पीछे के बाल ही implant किये जाते हैं।

हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी के तकरीबन २ हफ्ते बाद बाल उगने शुरू हो जाते हैं और पूरे बाल आने में 7-10 महीने का समय लगता है। शर्त यह है आपको डॉक्टर दुवारा दी गई हिदायतों का पालन करना होता है। यह बाल बिलकुल कुदरती बालों की तरह होते हैं जिन्हें आप कटवा सकते हैं, कलर कर सकते हैं और अपना मनचाहा हेयर स्टाइल रख सकते हैं। आँखों की पलकों, भौहों या दाड़ी के बालों की समस्या को भी इस तकनीक से दूर किया जा सकता है।

hair loss

बाल प्रत्यारोपण कैसे काम करता है ?

सबसे पहले पूरे सिर को ट्रिम कर दिया जाता है उसके बाद मरीज के सिर को अचेत (सुन्न) कर दिया जाता है ताकी प्रक्रिया के दौरान मरीज को किसी तरह का दरद महसूस न हो। सिर के पीछे वाले भाग से एक एक कर के हेयर ग्राफ्ट्स (बाल की जड़) को विशेष उपकरणों की मदद से निकाला जाता है। अंत में हेयर ग्राफ्ट्स (बाल की जड़) को गंजे हिस्से में लगा दिया जाता है।

क्यों गिरते हैं बाल ?

आनुवंशिकता – पुरुषों में पाया जाने वाला टेस्टोस्टेरोन हार्मोन डीहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन हार्मोन में बदल जाता है जो सिर पर आगे के बालों के लिए जिम्मेदार होता है। इस हार्मोन का स्तर बढ़ने से सिर के आगे के बालों की जड़े कमजोर हो जाती है और बाल झड़ने व टूटने लगते हैं।हेयर ट्रांसप्लांट केवल 18 से 65 साल के बीच ही करवाना सही रहता है।

खानपान- बालों की सेहत के लिए विटामिन, बायोटीन, मिनरल व प्रोटीन युक्त भोजन के साथ साथ बादाम, मूंगफली, काजू, गोभी, अलसी आदि भी लेने चाहिए। आजकल के दौर में लाइफस्टाइल, अत्यधिक तनाव और लगातार केमिकल युक्त उत्पाद का इस्तेमाल बालों के झड़ने की समस्या को बढ़ाता है। बार-बार शैंपू का ऑयल बदलना भी इसका कारण होता है। इसके अलावा सिर की त्वचा का रुखा बना रहना और तेल की मालिश ना करना भी एक वजह हो सकती है।

हार्मोनल बदलाव- कई बार समय से पहले या निश्चित उम्र के बाद हार्मोनल बदलाव परेशानी का सबब बनता है। महिलाओं में थायराइड हार्मोन, पौष्टिक तत्वों में खून की कमी, पीसीओडी(PCOD) की समस्या से बाल झड़ने लगते हैं। त्वचा संबंधित बीमारियां जैसे सोरायसिस, एग्जिमा, डर्मेटाइटिस जैसी ऑटोइम्यून बीमारियों से पीड़ित लोगों को इस तकनीक का सहारा नहीं लेना चाहियें , वर्ना समस्या बढ़ सकती है।सन्दर्भ

हेयर ट्रांसप्लांट (बाल प्रत्यारोपण) की विधियां:

बाल प्रत्यारोपण करने के लिए कई विधियां हैं। इनमें से दो विधियां सबसे ज़्यादा प्रचलित हैं जैसे की फोल्लिकलर यूनिट एक्सट्रैक्शन और दूसरी फॉलिकल यूनिट ट्रांसप्लांटेशन।

हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया है, जिसकी मदद से सिर के पिछले व साइड वाले हिस्से से, दाढ़ी, छाती आदि से बालों को लेकर सिर के गंजे भाग में implant कर दिया जाता है। इसकी वजह यह कि सिर के पिछले हिस्से के बाल आमतौर पर नहीं झड़ते इस लिए सिर के पीछे के बाल ही implant किये जाते हैं। हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी के तकरीबन २ हफ्ते बाद बाल उगने शुरू हो जाते हैं और पूरे बाल आने में ८ -१० महीने का समय लगता है। शर्त यह है आपको डॉक्टर दुवारा दी गई हिदायतों का पालन करना होता है। यह बाल बिलकुल कुदरती बालों की तरह होते हैं जीने आप कटवा सकते हैं, कलर कर सकते हैं और अपना मनचाहा हेयर स्टाइल रख सकते हैं। आँखों की पलकों, भौहों या दाड़ी के बालों की समस्या को भी इस तकनीक से दूर किया जा सकता है।

बाल प्रत्यारोपण करने के लिए कई विधियां हैं। इनमें से दो विधियां सबसे ज़्यादा प्रचलित हैं जैसे की फोल्लिकलर यूनिट एक्सट्रैक्शन और दूसरी फॉलिकल यूनिट ट्रांसप्लांटेशन

1) FUT प्रक्रिया को स्ट्रिप प्रक्रिया भी कहते हैं क्यों की इसमें सिर के पीछे से बालों की स्ट्रिप निकाली जाती है।सबसे पहले मरीज को local anesthesia देकर अचेत (सुन्न) कर दिया जाता है। फिर मरीज के डोनर एरिया से एक 1.6-1.7 cm चौड़ी स्ट्रिप निकाली जाती है। आधे इंच की एक स्ट्रिप में आम तौर पर दो से ढाई हज़ार follicles हो सकते हैं और एक फॉलिकल में दो से तीन बाल होते हैं। जहां फॉलिकल्स लागए जाते हैं वहां पर एक रात के लिए पट्टिआं लगा दी जाती हैं जिन्हे अगले दिन क्लिनिक जाकर उतरवाया जा सकता है।फॉलिकल्स लगाने के बाद डोनर एरिया (Donor Area ) में टाँके लगा दिए जाते हैं। यह टाँके कुछ एक से दो हफ़्तों में सामान्य हो जाते हैं। पर इस प्रक्रिया मंं दर्द FUE से ज़्यादा होता है।

2) FUE में FUT कि तरह कोई स्ट्रिप नहीं काटी जाती। इसमें सिर के पीछे से एक एक करके फॉलिकल्स (बाल की जड़ )को निकाला जाता है। (बाल की जड़ को के लिए विशेष उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। सिर के पीछे से निकाले गए बाल की जड़ को गंजे हिस्से में implant किया जाता है। आम तौर पर एक सिटिंग में 2000-3000 Follicles लगाए जाते हैं और इसमें ६ से ८ घंटे का समय लगता है। इसमें patient को admit होने की जरूरत नहीं पड़ती। बाल लगवाने के बाद मरीज अपने घर जा सकता है। FUE सर्जरी की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें कोई टंका वगैरा नहीं लगता जिस कि वजह से मरीज को दर्द नहीं होता। Donor Area यहां से बाल निकाले जाते हैं वह 5 से 7 दिन में सामान्य हो जाता है।

हेयर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया

सामान्य जरूरी ब्लड से जुड़ी और शारीरिक जांच करने के बाद, केवल सिर की चमड़ी पर लोकल एनेस्थीसिया देते हैं। जिसमें व्यक्ति को ज्यादा दर्द नहीं होता विशेषज्ञ एनेस्थीसिया की डोज को व्यक्ति के वजन के अनुसार ही देते हैं लगभग 5- 8 घंटे की इससे प्रक्रिया के दौरान मरीज बीच-बीच में कुछ खा पी भी सकता है ट्रांसप्लांट के तुरंत बाद मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर देते हैं। कुछ सामान्य सावधानी अपनाकर मरीज अपनी दिनचर्या में लौट सकता है।

हेयर ट्रांसप्लांट के दुष्प्रभाव (साइड इफेक्ट्स) क्या है ?

हेयर ट्रांसप्लांट इक कॉस्मेटिक प्रक्रिया है। इसके कोई स्थाई दुष्प्रभाव (परमानेंट साइड इफेक्ट्स) नहीं है। हेयर ट्रांसप्लांट के बाद कुछ अस्थाई परेशानी जैसे खुजली, सूजन, सर पर लालिमा आ सकती है, पर आपको इसके लिए पहले से दवाई दी जाती है और ये कुछ दिन में ही ठीक हो जाती है। आपका डॉक्टर आपको हेयर ट्रांसप्लांट के बाद की देखभाल के बारे में सारी जानकारी दे देता है। 10-15 दिन के बाद आपके बाल सामान्य हो जाते है।

इन बातों का रखें ख़ास ध्यान

FUE

हेयर ट्रांसप्लांट के बाद पहले एक बार बाल झड़ते हैं जो सामान्य हैं। लेकिन दो-तीन महीने के बाद बाल सही तरह से उगना शुरू हो जाते हैं। इसलिए पूरा परिणाम आने में कम से कम 6 महीने का समय लगता है। कई लोगों को पूरी तरह से बाल ना आने की शिकायत रहती है, जिसकी वजह खराब तकनीक, विशेषज्ञ सर्जन (प्लास्टिक सर्जन या डर्मेटोलॉजिस्ट ) से इलाज न लेना और ऑटोइम्यून डिजीज होती है। हेयर प्लांट दूसरी सर्जरी जितनी ही जटिल होती है और इसे अपनाने से पहले प्रशिक्षित चिकित्सक ( प्लास्टिक सर्जन या डर्मेटोलॉजिस्ट ) स्पेशलिस्ट क्लीनिक और इमरजेंसी केयर का होना बेहद जरुरी है।सन्दर्भ