कुलार्णव तंत्र
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कुलार्णव तन्त्र, कौलाचार से सम्बन्धित प्रसिद्ध तांत्रिक ग्रन्थ है। 'कुलार्णव' का शाब्दिक अर्थ है- 'कुल का समुद्र' । इसकी रचना ११वीं से १५वीं शती में हुई थी। इसमें सत्रह उल्लास (अध्याय) हैं।
इन्हें भी देखें
[संपादित करें]बाहरी कड़ियाँ
[संपादित करें]- कुलार्णवतन्त्रम् (संस्कृत विकिस्रोत)
- हिन्दी कुलार्णव
- कुलार्णवतन्त्र (संस्कृत में श्लोक ; अंग्रेजी अर्थ के साथ)
- कुलार्णव तन्त्र (बांग्ला भाषा में)
- Kularnava Tantra