सामग्री पर जाएँ

कुलार्णव तंत्र

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से

कुलार्णव तन्त्र, कौलाचार से सम्बन्धित प्रसिद्ध तांत्रिक ग्रन्थ है। 'कुलार्णव' का शाब्दिक अर्थ है- 'कुल का समुद्र' । इसकी रचना ११वीं से १५वीं शती में हुई थी। इसमें सत्रह उल्लास (अध्याय) हैं।

इन्हें भी देखें

[संपादित करें]

बाहरी कड़ियाँ

[संपादित करें]