सामग्री पर जाएँ

कालाशोक

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
कालाशोक
मगध के राजा
शासनावधिल॰ 395 – ल॰ 367 BCE
पूर्ववर्तीशिशुनाग
उत्तरवर्तीनन्दिवर्धन (मगध का सिंहासन)
संतानभद्रसेन
कोरन्दवर्ण
मंगुर
सर्वञ्जह
जलिक
उभक
संजय
कोरव्य
नन्दिवर्धन
पञ्चमक
राजवंशशिशुनाग वंश
पिताशैशुनाग

कालाशोक या काकवर्ण महाराज शिशुनाग के पुत्र और उनके उत्तराधिकारी थे।[1] उन्होंने अपने राज्य को अपने दस पुत्रों के बीच बाँट दिया और अपने नौवें पुत्र नन्दिवर्धन को मगध का राजा बनाया।

शिशुनाग ने मगध की राजधानी को वैशाली स्थानांतरित कर दिया था।[2] कालाशोक ने अपने पिता शिशुनाग का उत्तराधिकार किया।[3][1][4] कलाशोक ने पुनः राजधानी को पाटलिपुत्र स्थानांतरित किया।[4]

बौद्ध साहित्य के अनुसार, द्वितीय बौद्ध संगीति, जो भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के 100 वर्ष बाद वैशाली में आयोजित हुई थी, का संरक्षण राजा कालाशोक ने किया था।[4] परन्तु राजा कालाशोक के सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, बौद्धों के बीच मतभेद बने रहे।[5] उन्होंने अपने राज्य को अपने दस पुत्रों के बीच बाँट दिया, जो एक साथ शासन करते थे।[6]

  1. 1 2 Upinder Singh 2016, p. 272.
  2. ↑ Kailash Chand Jain 1972, p. 103.
  3. ↑ Raychaudhuri 1972, pp. 193–5.
  4. 1 2 3 FAST GENERAL KNOWLEDGE FOR SSC/RRB RAILWAY/UPSC/CDS/NDA/ARMY/NAVY/AIRFORCE/CTET/TEACHING (EBook) (English भाषा में). Mocktime Publication.{{cite book}}: CS1 maint: unrecognized language (link)
  5. ↑ S. Srikanta Sastri; S. Naganath (English Translation) (28 July 2021). Indian Culture A Compendium of Indian History, Culture and Heritage (EBook) (English भाषा में). Notion Press. ISBN 9781638065111.{{cite book}}: CS1 maint: unrecognized language (link)
  6. ↑ Manju Bhashini. My Book of History & Civics 6 (English भाषा में). Saraswati House Pvt Ltd. p. 58. ISBN 9789353624453.{{cite book}}: CS1 maint: unrecognized language (link)